विश्वकर्मावंशियों की एकजुटता का शिल्पकार महासभा ने किया आह्वान:अशोक विश्वकर्मा
ऑल इंडिया यूनाइटेड विश्वकर्मा शिल्पकार महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक कुमार विश्वकर्मा ने बताया है कि महासभा भगवान विश्वकर्मा के वंशज और पारंपरिक शिल्पकार समुदायों (जैसे बढ़ई, लोहार, स्वर्णकार, मूर्तिकार और अन्य) के उत्थान, राजनीतिक प्रतिनिधित्व और सामाजिक एकजुटता के लिए काम करने वाला देश का एक प्रमुख सामाजिक संगठन है। उन्होंने कहा कि महासभा का मुख्य उद्देश्य सामाजिक असमानता के खिलाफ संघर्ष और राजनीतिक भागीदारी के लिए समाज को एकजुट करना है। उन्होंने बताया कि यह संगठन देश भर में संघर्ष के माध्यम से विश्वकर्मा समुदाय के लिए उचित राजनीतिक प्रतिनिधित्व, सामाजिक सुरक्षा और आरक्षण की मांग करता है। संगठन का मानना है कि जाति आधारित जनगणना के जरिए ही विश्वकर्मा शिल्पकारों की वास्तविक आबादी का सही आकलन हो सकेगा, जो उनके सरकारी और राजनीतिक अधिकारों को सुनिश्चित करेगा। उन्होंने कहा कि महासभा का मुख्य जोर अलग-अलग उपजातियों (जैसे विश्वकर्मा, शर्मा, पांचाल, जांगिड, सुथार, धीमान, रामगढ़िया) में बंटे शिल्पकारों को एक मंच पर लाकर एक मजबूत समुदाय बनाने पर है। महासभा विश्वकर्मा पूजा 17 सितंबर पर सार्वजनिक अवकाश की मांग को लेकर लंबे समय से संघर्षरत है। इस संबंध में आंदोलन और अभियान के माध्यम से सरकार को ज्ञापन सौंपे जाते हैं। राष्ट्रीय और स्थानीय स्तर (जैसे उत्तर प्रदेश, दिल्ली आदि) जगहों पर बैठकें आयोजित करके समुदाय के बच्चों की शिक्षा, आर्थिक विकास और सामाजिक कुरीतियों को दूर करने पर जोर दिया जाता है। संगठन के पदाधिकारी देशभर में रैलियों और सम्मेलनों के माध्यम से समाज को जागरूक करने का निरंतर प्रयास कर रहे हैं।
