श्री राम कॉलोनी में जलभराव का असली जिम्मेदार कौन है? प्रॉपर्टी डीलर या नगर पालिका
श्री राम कॉलोनी बनी तालाब! जलभराव पर फूटा गुस्सा, सड़क पर धान रोपकर किया अनोखा प्रदर्शन
ब्यूरो रिपोर्ट अब्दुल मुईद बाराबंकी
धारा लक्ष्य समाचार
बाराबंकी। शहर की चर्चित श्री राम कॉलोनी इन दिनों विकास के दावों पर बड़ा सवाल बनकर खड़ी है। कभी सुनहरे सपने दिखाकर महंगे दामों पर प्लॉट बेचने वाली इस कॉलोनी की तस्वीर अब बदहाल हो चुकी है। हालत यह है कि हल्की बारिश के बाद भी सड़कें तालाब में तब्दील हो जाती हैं और लोगों का घरों से निकलना तक मुश्किल हो जाता है। वर्षों से मूलभूत सुविधाओं का इंतजार कर रहे लोगों का सब्र आखिरकार बुधवार को टूट गया और उन्होंने सड़क पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया।
आक्रोशित नागरिकों ने विरोध का ऐसा तरीका अपनाया जिसने पूरे शहर का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। जलमग्न सड़क को खेत का रूप देते हुए लोगों ने सड़क पर धान की रोपाई शुरू कर दी और नारेबाजी करते हुए जिम्मेदारों के खिलाफ जमकर गुस्सा जाहिर किया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जब सड़कें महीनों तक तालाब बनी रहेंगी तो खेती ही कर ली जाए।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि कॉलोनी विकसित करते समय प्रॉपर्टी डीलर ने चौड़ी सड़कें, पक्की नालियां, जल निकासी और अन्य मूलभूत सुविधाएं देने का दावा किया था। इन्हीं वादों के आधार पर लोगों ने अपनी जीवनभर की जमा पूंजी लगाकर महंगे दामों में प्लॉट खरीदे। लेकिन सभी प्लॉट बिकने के बाद प्रॉपर्टी डीलर ने कॉलोनी की ओर मुड़कर भी नहीं देखा। न सड़क बनी और न ही नालियों का निर्माण कराया गया। नतीजा यह है कि आज पूरी कॉलोनी जलभराव की गंभीर समस्या से जूझ रही है।
लोगों का कहना है कि सवाल केवल नगर पालिका परिषद पर उठाना उचित नहीं होगा। यदि किसी प्रॉपर्टी डीलर ने बिना समुचित विकास कार्य कराए कॉलोनी बेच दी है, तो उसकी जवाबदेही भी तय होनी चाहिए। नागरिकों ने मांग की है कि यदि भविष्य में इस कॉलोनी की सड़कें और नालियां नगर पालिका या डूडा जैसी सरकारी एजेंसियों द्वारा बनाई जाती हैं, तो उसकी पूरी लागत संबंधित प्रॉपर्टी डीलर से वसूल की जाए।
उनका कहना है कि ऐसा होने से अन्य कॉलोनाइजर भी आम जनता के साथ धोखाधड़ी करने से पहले सौ बार सोचेंगे।
विडंबना यह भी है कि इस कॉलोनी में कई VIP और VVIP लोगों का भी निवास बताया जाता है। यदि ऐसी कॉलोनी का यह हाल है, तो शहर की अन्य अविकसित कॉलोनियों की स्थिति का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि उन्होंने कई बार संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से शिकायत की, लेकिन हर बार केवल आश्वासन मिला। जल निकासी की कोई स्थायी व्यवस्था नहीं होने से बारिश के दिनों में गंदा पानी सड़कों पर जमा रहता है, जिससे संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है।
अब बड़ा सवाल यही है कि श्री राम कॉलोनी में जलभराव का असली जिम्मेदार कौन है—वादे करके गायब हो चुका प्रॉपर्टी डीलर या फिर प्रशासनिक तंत्र? फिलहाल सड़क पर धान की रोपाई ने यह साफ कर दिया है कि जनता अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि जवाब और समाधान चाहती है। अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो यह विरोध और बड़ा रूप ले सकता है।
