जांच में कार्डधारकों को राशन न देने और निर्धारित मात्रा से कम खाद्यान्न देने की शिकायतें सही मिलीं।
धारा लक्ष्य समाचार पत्र
रिपोर्टर रोहित मिश्रा रायबरेली
महराजगंज/रायबरेली। विकासखंड महराजगंज की ग्राम पंचायत कैर में सरकारी राशन वितरण में अनियमितता का मामला जांच के बाद सामने आया है। ग्रामीणों की शिकायत पर की गई जांच में कई कार्डधारकों को राशन नहीं देने तथा कई कार्डधारकों को निर्धारित मात्रा से कम खाद्यान्न दिए जाने की शिकायतें सही पाई गईं। खाद्यान्न के स्टॉक में भारी कमी मिलने के बाद मामले में कार्रवाई की गई है।
ग्रामीणों की शिकायत पर पूर्ति निरीक्षक मुकेश कुमार पाण्डेय की टीम ने राशन की दुकान और गोदाम की जांच की। जांच के दौरान मौके पर उपलब्ध खाद्यान्न का भौतिक सत्यापन किया गया और स्मार्ट पीडीएस रिपोर्ट, ई-पॉस मशीन में दर्ज स्टॉक तथा अभिलेखों का मिलान किया गया।
जांच में दुकान पर खाद्यान्न की निर्धारित मात्रा और मौके पर उपलब्ध स्टॉक में बड़ा अंतर मिला। अभिलेखों के अनुसार दुकान में गेहूं 17.04 क्विंटल, चावल 25.55 क्विंटल और चीनी 0.51 क्विंटल उपलब्ध होनी चाहिए थी, जबकि मौके पर महज गेहूं 1.19 क्विंटल, चावल 1.44 क्विंटल और चीनी 0.35 क्विंटल ही मिली।
इस तरह जांच में गेहूं 15.85 क्विंटल, चावल 24.11 क्विंटल और चीनी 0.16 क्विंटल की कमी पाई गई। जांच के दौरान 36 पात्र गृहस्थी राशनकार्डधारकों/परिजनों के बयान लिए गए, जिनमें 21 कार्डधारकों/परिजनों ने सितंबर 2026 में राशन नहीं मिलने की बात कही।जांच रिपोर्ट में ई-पॉस मशीन पर वितरण दर्ज होने के बावजूद दुकान पर खाद्यान्न का वास्तविक स्टॉक कम पाया गया।
शिकायतों और जांच में सामने आई अनियमितताओं के आधार पर कालाबाजारी एवं राशन वितरण में गड़बड़ी की पुष्टि किए जाने की बात रिपोर्ट में दर्ज है।मामले में उच्चाधिकारियों के निर्देश और जिलाधिकारी की अनुमति के बाद उचित दर विक्रेता सुंदरलाल पुत्र छोटेलाल के खिलाफ थाना महराजगंज में आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 की धारा 3/7 के तहत एफआईआर दर्ज कराई गई है।
मामले की विवेचना उपनिरीक्षक राहुल कुमार मिश्रा को सौंपी गई है। कार्रवाई के बाद क्षेत्र में सरकारी राशन वितरण व्यवस्था को लेकर हड़कंप मचा हुआ है।
