धारा लक्ष्य समाचार पत्र
रिपोर्टर रोहित मिश्रा रायबरेली
रायबरेली। विधानसभा चुनाव 2027 की आहट के बीच वैश्य समाज ने अपनी राजनीतिक भागीदारी को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। वैश्य एकता परिषद की ओर से आगामी 27 अक्टूबर को रिफॉर्म क्लब, रायबरेली में राष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। सम्मेलन को लेकर समाज के पदाधिकारियों ने तैयारियां तेज कर दी हैं।
पत्रकार वार्ता में पदाधिकारियों ने सम्मेलन के उद्देश्य और आगामी रणनीति की जानकारी साझा की।पदाधिकारियों के मुताबिक महासम्मेलन में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से वैश्य समाज के प्रमुख पदाधिकारी, वरिष्ठ नेता, जनप्रतिनिधि एवं सामाजिक कार्यकर्ता शामिल होंगे।
सम्मेलन में विशेष रूप से विधानसभा चुनाव 2027 में वैश्य समाज की राजनीतिक भागीदारी, प्रतिनिधित्व और संगठन की भूमिका पर गंभीर मंथन किया जाएगा।जिला अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता एडवोकेट ने कहा कि वैश्य समाज आर्थिक और सामाजिक रूप से महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है,
लेकिन राजनीतिक क्षेत्र में अपेक्षित भागीदारी अभी भी जरूरी है। महासम्मेलन के माध्यम से समाज को एकजुट कर उसकी राजनीतिक ताकत और मांगों को मजबूती से सामने रखा जाएगा।वहीं राष्ट्रीय महासचिव विजय रस्तोगी ने स्पष्ट कहा कि वैश्य समाज अब अपनी राजनीतिक हिस्सेदारी को लेकर सजग है।
जो राजनीतिक दल समाज को सम्मान, उचित प्रतिनिधित्व और चुनावी भागीदारी देगा, वैश्य समाज उसके साथ मजबूती से खड़ा होने पर विचार करेगा।
सम्मेलन की कमान संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सुमंत गुप्ता और प्रदेश अध्यक्ष प्रभात साहू के नेतृत्व में रहेगी। प्रदेश अध्यक्ष प्रभात साहू की सक्रिय भूमिका को लेकर पदाधिकारियों ने कहा कि सम्मेलन को ऐतिहासिक और प्रभावशाली बनाने के लिए संगठन पूरी ताकत से जुटा है। माना जा रहा है कि यह महासम्मेलन 2027 के चुनावी समीकरणों में वैश्य समाज की भूमिका को लेकर नई दिशा तय कर सकता है।
