सुजौलिया में कुल्हाड़ी से हमला कर महिला की हत्या, लुधौरा में मनोज गौतम हत्याकांड को लेकर भीम आर्मी ने उठाई न्याय की मांग
धारा लक्ष्य समाचार
जिला संवाददाता शफीक अहमद
कमलापुर, सीतापुर। थाना कमलापुर क्षेत्र में शुक्रवार को हत्या की दो अलग-अलग घटनाओं से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सुजौलिया गांव में कुल्हाड़ी से हमला किए जाने पर 60 वर्षीय रामदेवी की मौत हो गई, जबकि ग्राम लुधौरा में मनोज गौतम हत्याकांड को लेकर भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर न्याय की मांग उठाई। दोनों घटनाओं को लेकर पुलिस जांच और आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई का मुद्दा चर्चा में है।
सुजौलिया गांव में रामदेवी पत्नी स्वर्गीय श्रीराम शुक्रवार सुबह दीपू के घर पहुंची थीं। आरोप है कि इसी दौरान प्रदीप उर्फ समदू ने घर की दीवार फांदकर दीपू की पत्नी सरोजनी पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। सरोजनी को बचाने पहुंचीं रामदेवी पर भी आरोपी ने वार कर दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। सूचना पर थाना प्रभारी इतुल चौधरी पुलिस बल के साथ पहुंचे और आरोपी को हिरासत में ले लिया। क्षेत्राधिकारी सिधौली वेदप्रकाश श्रीवास्तव ने घटनास्थल का निरीक्षण किया, जबकि फोरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी। ग्रामीणों ने आरोपी की मानसिक स्थिति ठीक न होने की बात कही है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
वहीं, कमलापुर क्षेत्र के ग्राम लुधौरा में दलित समाज के मनोज गौतम (35) की हत्या के मामले में भीम आर्मी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. कुलदीप भार्गव, जिला अध्यक्ष राकेश राजवंशी और संगठन के अन्य पदाधिकारियों ने घटनास्थल पर पहुंचकर पीड़ित परिवार से मुलाकात की। इस दौरान भीम आर्मी के संस्थापक एवं नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद से वीडियो कॉल के जरिए परिवार की बातचीत कराई गई।
सांसद ने परिवार की पीड़ा सुनते हुए न्याय दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास करने और प्रशासन के समक्ष उनकी मांगें उठाने का भरोसा दिया।
भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी ने मनोज गौतम हत्याकांड की निष्पक्ष जांच, सभी आरोपियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की मांग की। संगठन ने पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये मुआवजा, मृतक की पत्नी को विधवा पेंशन, बच्चों की शिक्षा एवं भरण-पोषण की व्यवस्था, परिवार के एक पात्र सदस्य को सरकारी नौकरी तथा पात्रता के अनुसार भूमि और आवास उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई।
साथ ही परिवार और गवाहों की सुरक्षा तथा नियमानुसार राहत राशि एवं पुनर्वास सुविधाएं तत्काल देने की मांग की गई।
डॉ. कुलदीप भार्गव ने कहा कि मनोज गौतम के परिवार को न्याय दिलाना संगठन की प्राथमिकता है और न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा। दूसरी ओर, सुजौलिया की घटना में पुलिस तहरीर के आधार पर जांच कर रही है तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। दोनों मामलों में आगे की कार्रवाई जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगी।
