धारा लक्ष्य समाचार
मनोज चौधरी जिला प्रभारी शामली
— प्राइवेट गोताखोर पर रुपये लेकर तलाश नहीं करने का आरोप
— पुलिस ने समझा—बुझाकर मामला किया शांत, गोताखोरों की बढ़ाई संख्या
कैराना। गत दिवस यमुना नदी में डूबे तीनों मजदूरों के शव सुबह 11 बजे तक भी नहीं मिले, तो परिजनों में आक्रोश फैल गया। उन्होंने यमुना ब्रिज चौकी पर पहुंचकर हंगामा किया। इस दौरान चौकी के सामने हाईवे को जाम कर दिया और महिलाएं बीच सड़क पर बैठ गई। कोतवाली प्रभारी ने परिजनों को आश्वासन दिया। सर्च अभियान के लिए गोताखोरों की संख्या बढ़ाने पर परिजन शांत हुए।
रविवार शाम करीब चार बजे श्यामू, राकेश, पिंटू, राजेश, अजय व सूरज निवासीगण गांव कंडेलगंज जनपद गोंडा हाल निवासी वीरनगर कॉलोनी उग्राखेड़ी मोड के निकट पानीपत यूपी—हरियाणा बॉर्डर पर स्थित यमुना नदी में नहाने के लिए आए थे। वह पानीपत में दरी बनाने की फैक्ट्री में मजदूरी करते थे। यमुना में नहाने के दौरान श्यामू (19), राकेश (24) व पिंटू (30) गहरे कुंड में समा गए थे, जबकि उनके तीनों साथियों ने किनारे पर पहुंचकर शोर मचाया था और मामले की सूचना पुलिस को दी थी।
इसके बाद कैराना पुलिस और हरियाणा की सनौली थाने की पुलिस मौके पर पहुंची थी। पुलिस द्वारा गोताखोरों को यमुना नदी में सर्च अभियान में लगाया गया था। हरियाणा से आक्सीजन सिलेंडरों के साथ समुद्री गोताखोर भी पहुंचे थे, लेकिन देर रात तक भी यमुना में डूबे मजदूरों का कोई सुराग नहीं लग सका था। सोमवार को भी सर्च अभियान चलाया गया और प्रात: 11 बजे तक भी यमुना में डूबे मजदूरों का कोई सुराग नहीं लगने पर परिजनों में आक्रोश फैल गया था।
उन्होंने कोतवाली क्षेत्र की यमुना ब्रिज चौकी और सनौली नाका पर पहुंचकर हंगामा कर दिया। यमुना में डूबे राकेश के भाई राजेश ने आरोप लगाया कि हरियाणा के प्राइवेट गोताखोर ने सर्च अभियान के लिए दस हजार रुपये लिए, लेकिन इसके बावजूद भी तलाश नहीं किया जा रहा है। उनका कहना था कि सनौली नाके पर चौकी पर जाते हैं, तो उन्हें यूपी भेजा जाता है, जबकि यूपी की ओर से हरियाणा भेजा जा रहा है।
इसी को लेकर परिजनों ने यमुना ब्रिज चौकी के सामने जाम लगा दिया। इस दौरान परिवार की महिलाएं बीच सड़क पर बैठ गई। इसी के चलते मार्ग पर आवागमन बाधित हो गया। सूचना पर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक धर्मेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे तथा परिजनों से वार्ता करते हुए उन्हें आश्वासन दिया कि उनकी ओर से गोताखोरों की संख्या बढ़वाई जा रही है और जल्द ही तलाश किया जाएगा। इसके बाद परिजन शांत हुए और जाम खुल गया।
—इनसेट
23 घंटे बाद एक का मिला शव, दो की तलाश
कैराना। यमुना नदी में डूबे तीनों मजदूरों की तलाश में कैराना पुलिस द्वारा प्राइवेट गोताखोर साजिद, दिलशाद, बिल्लू व अफजाल को लगाया गया था। परिजनों के हंगामे के बाद आधा दर्जन गोताखोरों की संख्या बढ़ाई गई। गोताखोरों ने मोटरबोट के साथ यमुना नदी में सर्च अभियान चलाया। गोताखोर साजिद ने बताया कि उनके द्वारा यमुना में डूबे श्यामू के शव को दोपहर करीब तीन बजे बरामद कर लिया गया। जबकि दो अन्य मजदूरों की तलाश की जा रही है। बताया जाता है कि श्यामू अविवाहित था। राकेश के एक बेटी तथा पिंटू की दो बेटी व एक बेटा है। हादसे से परिजनों में कोहराम मचा हुआ है।
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—इनसेट
यमुना पर नहीं पक्का घाट, हो रहे हैं हादसे
यमुना नदी यूपी और हरियाणा सीमा पर स्थित है। ऐसे में यहां विभिन्न पर्व और सामान्य दिनों में भी श्रद्धालुओं तथा आमजन पहुंचते हैं। यमुना पर पुण्यकर्म भी किया जाता है। इस दौरान श्रद्धालुओं को घाट की असुविधा होती है, क्योंकि यहां आजतक पक्का घाट नहीं बन सका है। श्रद्धालु कम पानी समझकर अधिक गहराई तक पहुंच जाते हैं और हादसों का शिकार हो जाते हैं। ब्रिज से कुछ दूरी पर हैदरपुर की ओर चलें, तो घुमाव पर करीब 40 फीट गहरा कुंड है। हर साल दर्जनों लोग असमय काल के गाल में समा जाते हैं। कोई चेतावनी बोर्ड तक नहीं लगा है। स्थायी रूप से गोताखोर भी तैनात नहीं हैं। पिछले दिनों कैराना सांसद इकरा हसन ने लोकसभा में यमुना नदी में होने वाले हादसों का हवाला देते हुए पक्का घाट बनवाये जाने की मांग की थी। इसके बावजूद अभी तक कोई कदम आगे नहीं बढ़ पा रहा है।
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इन्होंने कहा—
गोताखोरों ने यमुना में डूबे एक मजदूर का शव बरामद कर लिया है, जिसे पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया गया है। बाकी की तलाश में सर्च अभियान जारी है।
— धर्मेंद्र सिंह, कोतवाली प्रभारी कैराना

