Saharanpur: शाकुम्भरी विशविद्यालय के वनस्पति विज्ञान एवं प्राणी विज्ञान विभाग के छात्रों का एक दिवसीय शेक्षणिक भ्रमण के लिये वन अनुसन्धान केंद्र (FRI) तथा जूलॉजिकल सर्वे ऑफ़ इंडिया देहरादून गया 

धारा लक्ष्य समाचार

सहारनपुर।माँ शाकुम्भरी विशविद्यालय सहारनपुर के वनस्पति विज्ञान एवं प्राणी विज्ञान विभाग के छात्रों का एक दिवसीय शेक्षणिक भ्रमण के लिये वन अनुसन्धान केंद्र (FRI) तथा जूलॉजिकल सर्वे ऑफ़ इंडिया देहरादून गया है| वनस्पति विज्ञान विद माननीय कुलपति महोदया प्रोफेसर विमला वाई ने छात्र छात्राओं को दुर्लभ प्रजाति के पौधों को किस तरह से बचाना है और किस तरह से बायो जैव-विविधता को संरक्षित करने के बारे में जानकारी दी ।

इसकी मुख्य तकनीक टीसू कल्चर माध्यम और प्राकृतिक पौधों को नुकसान न पहुंचा कर किया जा सकता हैI यूनिवर्सिटी के अकेडिमिक कोर्डिनेटर प्रोफ. विनोद कुमार ने भर्मण का नेतृत्व किया | वन अनुसन्धान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अनूप चंद्रा ने छात्रों को वानों के महत्त्व पर तथा संस्थान के इतिहास से छात्रों को अवगत कराया| साथ ही साथ हर्बरियम में रखे स्पेशमेंस के विषय में भी जानकारी दी|

जूलॉजिकल सर्वे में संस्थान के वैज्ञानिको ने म्यूजियम का भर्मण कराया तथा छात्रों को स्पेशमेन कलेक्शन के मेथडलॉजी को समझाया| डॉ. ममता चौधरी, डॉ. संदीप कुमार एवं डॉ. अरचस्वी त्यागी ने स्पेशमेंस पौधों के विषय में विस्तृत जानकारी दी| छात्र-छात्राओं को उद्यान के गौरव पूर्ण इतिहास के विषय में अवगत कराने के साथ ही उद्यान में लगे विभिन्न प्रजातियों के वृक्षों के वैज्ञानिक नाम एवं उपयोग से भी परिचित कराया गया|

उद्यान में लगे दुर्लभ पौधों जैसे लजेर्स्टरोमिया, स्वीटीनिआ, साइकस, छात्र-छात्राओं में अंशुल, अर्चित, हिमानी, गायत्री, वंश, विकास, शबनम गौर आदि मौजूद रहे|

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