Bagpat: जय हिंद मंच की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य अनिल शर्मा

बागपत संवाददाता ््अनिल शर्मा ् जय हिंद मंच की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य अनिल शर्मा ने कहा कि आज का दिन हम सभी के लिए गर्व और प्रेरणा का दिन

हैं भगवान परशुराम – ब्रह्म तेज के प्रतीक, तपस्या और

पराक्रम के अद्भुत संगम हैं। वे एकमात्र ऐसे महापुरुष हैं जो त्रेता से लेकर द्वापर युग तक जीवित रहे, और जिनकी भूमिका हर काल में धर्म की रक्षा के लिए रही।

परशुराम ने अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाई। उन्होंने संसार को सिखाया कि जब अन्याय सिर उठाए, तो केवल वाणी नहीं, बल्कि शस्त्र भी उठाना धर्म है।

उनके जीवन से हमें यह संदेश मिलता है कि सच्चा धर्म वह है जो अन्याय के विरुद्ध खड़ा हो, जो कमजोरों का सहारा बने और सत्य की रक्षा करे।

परशुराम जी ने 21 बार पृथ्वी से अन्यायी क्षत्रियों का नाश किया, लेकिन उनका क्रोध भी संयमित था वे धर्म की मर्यादा में बंधे हुए योद्धा थे।

उनका संदेश आज भी प्रासंगिक है: जब-जब अन्याय, अत्याचार और अधर्म बढ़ेगा, तब-तब धर्म की रक्षा के लिए एक परशुराम खड़ा होगा।

हमें भी अपने जीवन में सत्य, साहस और सेवा का व्रत लेना चाहिए। हमें परशुराम के आदर्शों को अपनाकर समाज में प्रेम, न्याय और धर्म का प्रचार करना चाहिए।

इसी भावना के साथ आइए, इस परशुराम जयंती पर संकल्प लें हम अन्याय के खिलाफ खड़े रहेंगे, धर्म और सत्य की रक्षा करेंगे, और अपने चरित्र से समाज को नई दिशा देंगे।

जय श्री परशुराम आज मंगलवार को बडोत नगर के दिल्ली रोड स्थित जय हिंद मंच नई दिल्ली के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य अनिल शर्मा अपने प्रतिष्ठान पर मीडिया से रूबरू हो रहे थे उन्होंने कहा कि हम सभी ब्राह्मण समाज के लोगों को मिलकर अपनी एकता का परिचय देते हुए हम सब लोगों को देश में एक जुट होकर भगवान परशुराम के बताएं मार्ग पर चलते हुए ब्राह्मण समाज को आगे बढ़ने का कार्य करना होगा।

तभी जाकर हमारा समाज उन्नति की तरफ अग्रसर होगा उन्होंने कहा कि ब्राह्मण समाज को अपनी खोई हुई ताकत को वापस लाकर युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए तत्पर रहना होगा युवा शक्ति देश का भविष्य तह करती है आज हमारे देश का भविष्य युवा शक्ति पर निर्भर होना चाहिए उन्होंने सभी ब्राह्मण समाज के युवाओं से आह्वान किया कि ब्राह्मण समाज की भूमिका को गांव गांव जाकर उजागर करें एवं अपनी ताकत का एहसास भी कराएं

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