धारा लक्ष्य समाचार पत्र
मुसाफिरखाना/अमेठी। जिले के मुसाफिरखाना तहसील क्षेत्र के एक गंभीर भूमि विवाद मामले में न्यायालय के आदेश पर तत्कालीन नायब तहसीलदार मुसाफिरखाना सहित पांच लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। निहालगढ़ चकजंगला की निवासी पीड़िता सुमित्रा देवी ने अदालत में प्रार्थनापत्र देकर आरोप लगाया था कि उसकी पैतृक भूमि पर साजिशन कब्जा कर उसके नामांतरण को अवैध रूप से बदल दिया गया।
पीड़िता के अनुसार, उसके चाचा राकेश और कनिकलाल ने फसली वर्ष 1409 से 1414 के बीच तत्कालीन नायब तहसीलदार की मिलीभगत से गाटा संख्या 419, रकबा 0.265 हेक्टेयर की भूमि पर अपना नाम दर्ज करा लिया। आरोप यह भी लगाया गया कि इसके बाद राकेश ने उक्त भूमि गुलाबचंद्र नामक व्यक्ति को बेच दी।
सुमित्रा देवी का कहना है कि जब उन्होंने 20 अप्रैल 2025 को इस अनियमितता पर आपत्ति जताई, तो संबंधित लोगों ने उन्हें गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। पीड़िता ने बताया कि दस्तावेजों सहित नायब तहसीलदार के कार्यालय पहुंचने पर अधिकारी ने उन्हें फटकारकर भगा दिया और कोई सुनवाई नहीं की।
इसके बाद उन्होंने थाने और एसपी कार्यालय में भी शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई न होने पर मामला मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुलतानपुर के संज्ञान में प्रस्तुत किया। न्यायालय ने प्रकरण को गंभीर मानते हुए एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया।
अदालत के आदेश पर मुसाफिरखाना थाना पुलिस ने राकेश, कनिकलाल, गुलाबचंद्र, तत्कालीन नायब तहसीलदार और अर्जी नबीस के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अब पूरे प्रकरण की जांच में जुट गई है, वहीं पीड़िता ने न्याय की उम्मीद जताई है।

