नाट्यशास्त्र में संगीत के सिद्धांतों पर मंथन आज, आचार्या प्रेमलता शर्मा जन्मशती वर्ष पर विशेष संगोष्ठी
वाराणसी, इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय कला केन्द्र (आईजीएनसीए) क्षेत्रीय केन्द्र, वाराणसी द्वारा सुप्रसिद्ध संगीत विदुषी एवं संगीतशास्त्र की प्रख्यात अध्येता आचार्या प्रेमलता शर्मा की जन्मशती के उपलक्ष्य में बुधवार को “संगीताध्याय : जातिविकल्पन (प्रथम पुष्प)” ग्रन्थ के लोकार्पण एवं “नाट्यशास्त्र में संगीत के प्रमुख सिद्धांत एवं व्यावहारिक पक्ष” विषयक एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा।
कार्यक्रम का आयोजन प्रातः 10:30 बजे से आईजीएनसीए क्षेत्रीय केन्द्र, पार्श्वनाथ विद्यापीठ परिसर, आईटीआई मार्ग, करौंदी स्थित सभागार में होगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता आईजीएनसीए के सदस्य सचिव डॉ. सच्चिदानंद जोशी करेंगे।
मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय कार्यकारिणी समिति के सदस्य सुरेश सोनी उपस्थित रहेंगे। विशिष्ट सान्निध्य डॉ. संध्या पुरेचा, अध्यक्ष, संगीत नाटक अकादेमी, नई दिल्ली का रहेगा।
संगोष्ठी में सम्मानित अतिथि के रूप में प्रो. ऋत्विक सान्याल, पूर्व संकाय प्रमुख, संगीत एवं मंचकला संकाय, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय, तथा सारस्वत अतिथि के रूप में प्रो. अनिल बिहारी व्योहार, पूर्व संकाय प्रमुख, संगीत संकाय, **इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय>, भाग लेंगे।
ग्रन्थ के सम्पादक प्रो. कृष्णकान्त शर्मा विषय प्रवर्तन करेंगे। विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रो. संगीता पण्डित, संकाय प्रमुख, संगीत एवं मंचकला संकाय, बीएचयू उपस्थित रहेंगी। कार्यक्रम का स्वागत भाषण आईजीएनसीए वाराणसी के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. अभिजित दीक्षित द्वारा दिया जाएगा।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं मंगलाचरण से होगा। इसके उपरांत ग्रन्थ का लोकार्पण, अतिथियों के उद्बोधन तथा नाट्यशास्त्र में संगीत के सैद्धान्तिक एवं व्यावहारिक पक्षों पर विद्वानों का विचार-मंथन आयोजित किया जाएगा।
आयोजकों ने संगीत, संस्कृति, संस्कृत एवं कला-जगत से जुड़े विद्वानों, शोधार्थियों, विद्यार्थियों तथा आम नागरिकों से कार्यक्रम में सहभागिता का आग्रह किया है।
