धारा लक्ष्य समाचार पत्र
चंडीगढ़। प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुलभ, सस्ती एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने की दिशा में सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव की अध्यक्षता में आयोजित स्पेशल हाई पावर्ड परचेज कमेटी (SHPPC) की बैठक में चिकित्सा व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से 18 करोड़ रुपये से अधिक के खरीद प्रस्तावों एवं रेट कॉन्ट्रैक्ट्स को मंजूरी प्रदान की गई।
बैठक में जिला अस्पतालों और अन्य सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार पर विशेष जोर दिया गया। स्वीकृत प्रस्तावों के तहत जिला अस्पतालों में लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन (LMO) प्लांट स्थापित किए जाएंगे, जिससे आपातकालीन परिस्थितियों में ऑक्सीजन की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी।
इसके अलावा, श्रवण क्षमता की जांच के लिए ऑडियोमीटर की खरीद, पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत डायलिसिस सेवाओं का विस्तार, यूनानी चिकित्सा पद्धति के लिए आवश्यक दवाओं की उपलब्धता, मोतियाबिंद ऑपरेशन में उपयोग होने वाले आईओएल (इंट्राऑक्यूलर लेंस) की खरीद तथा थैलेसीमिया के मरीजों के लिए आवश्यक दवाओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने संबंधी प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई।
स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य प्रत्येक नागरिक तक बेहतर और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वीकृत योजनाओं को निर्धारित समय सीमा में प्रभावी ढंग से लागू किया जाए, ताकि आम जनता को इनका शीघ्र लाभ मिल सके।
सरकार का मानना है कि इन निर्णयों से प्रदेश के सरकारी अस्पतालों की चिकित्सा व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी तथा मरीजों को बेहतर, सुलभ और किफायती स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।
