जिला रिपोर्टर रोहित मिश्रा रायबरेली
धारा लक्ष्य समाचार पत्र
रायबरेली। जनपद में अपनी ओजस्वी वाणी रामायण के प्रखर वक्ता क्रांतिदूत के नाम से प्रसिद्ध राघव किशोर रामायणी के निधन से राघवपुर ग्राम सहित पूरे जनपद में शोक छा गया है।बता दें कि क्रांति दूत के प्रखर वक्ता के नाम से विख्यात राघवकिशोर रामायणी का निधन उनके निज जनपद इटावा में बीते 7 अगस्त 2026 को घर पर हो गया था इसकी सूचना जैसे ही रायबरेली के रामचरितमानस कथा प्रेमियों के पास पहुंची तो सभी का मन व्याकुल हो गया सभी के अश्वू रुकने का नाम नहीं ले रहे।
जानकारी मिलते ही राघवपुर निवासी रामचरितमानस सम्मेलन अध्यक्ष गणेश प्रसाद द्विवेदी सम्मेलन व्यवस्थापक अतुल कुमार द्विवेदी, अनुज कुमार अवस्थी, राहुल कुमार चौरसिया,व अन्य कई लोगों ने इटावा उनके निज आवास पहुंचकर उनके पा पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर नमन किया।
पूर्व सम्मेलन अध्यक्ष रजनीकांत दीक्षित ने बताया कि जनपद में होने वाले रामचरितमानस सम्मेलन में वैसे तो रामायणी राघव किशोर जी का पहुंचाना अनिवार्य रहता था लेकिन राघवपुर एक ऐसा गांव था जहां से उनका विशेष स्नेह रहा बीते 42 वर्ष पूर्व जब श्री रामचरितमानस सम्मेलन की शुरुआत की गई थी उस समय से क्रांति दूत राघव जी हमेशा हर वर्ष सम्मेलन में अवश्य पहुंचते थे उन्हें कभी पैसे की चाह नहीं थी।
उनकी मृदभाषशिता शालीनता कथा प्रेमियों में अपनी एक अलग छाप छोड़ रखी थी। 6माह पूर्व फरवरी 2026 में जब राघवपुर सम्मेलन कार्यक्रम में आए हुए थे तो समापन की आखिरी दिवस पर कहा था,,जिंदगी रही तो फिर मिलेंगे चलते हैं वंदेमातरम ,,, मंच से कहा था कि मैं जब तक जीवित रहूंगा सभी सम्मेलनों को छोड़ सकता हूं लेकिन राघवपुर ग्राम में होने वाले रामचरितमानस सम्मेलन में हमेशा उपस्थित रहूंगा और ऐसा ही आपके द्वारा विगत 42 वर्षों से किया गया जा रहा था।
इस मौके पर रायबरेली जनपद के कथा प्रेमी उनके स्नेहिल उनके निज आवास पहुंचकर श्रद्धा सुमनअर्पित कर नमन किया।
