सिविल कोर्ट में अव्यवस्थाओं के खिलाफ अधिवक्ताओं का अनिश्चितकालीन धरना, न्यायिक अधिकारियों पर लगाए गंभीर आरोप

रिपोर्टर रोहित मिश्रा रायबरेली

धारा लक्ष्य समाचार पत्र

रायबरेली। सिविल कोर्ट परिसर में न्यायिक अधिकारियों के कथित भ्रष्टाचार, अधिवक्ताओं के प्रति दुर्व्यवहार और न्यायालय परिसर में व्याप्त अव्यवस्थाओं के विरोध में अधिवक्ताओं ने मोर्चा खोल दिया है। अधिवक्ताओं ने 17 अगस्त 2026 से सिविल कोर्ट परिसर में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। शुक्रवार को भी धरना जारी रहा। आंदोलन को लेकर परिसर में लगाए गए बैनर के माध्यम से अधिवक्ताओं से एकजुट होकर सहयोग करने की अपील की गई है।अधिवक्ताओं का आरोप है कि सिविल कोर्ट के कुछ न्यायिक अधिकारियों के व्यवहार और कार्यप्रणाली को लेकर लंबे समय से असंतोष बना हुआ है।

उनका कहना है कि न्यायालय में पैरवी के लिए पहुंचने वाले अधिवक्ताओं के साथ अपेक्षित सम्मानजनक व्यवहार नहीं किया जा रहा है। इसके अलावा कोर्ट परिसर में व्याप्त विभिन्न अव्यवस्थाओं के कारण अधिवक्ताओं के साथ-साथ वादकारियों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

17 अगस्त से शुरू हुआ आंदोलन

धरना स्थल पर लगाए गए बैनर के अनुसार, अधिवक्ताओं ने 17 अगस्त से आंदोलन शुरू किया है। इसे अनिश्चितकालीन बताते हुए कहा गया है कि जब तक संबंधित समस्याओं के समाधान की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए जाते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

अधिवक्ताओं का कहना है कि न्यायालय परिसर न्याय दिलाने का महत्वपूर्ण केंद्र है। ऐसे में वहां अधिवक्ताओं और वादकारियों के लिए सम्मानजनक, पारदर्शी और व्यवस्थित माहौल होना जरूरी है। आरोप है कि वर्तमान परिस्थितियों में कई स्तर पर समस्याएं बनी हुई हैं, जिनके समाधान के लिए जिम्मेदार अधिकारियों को गंभीरता से पहल करनी चाहिए।

अधिवक्ताओं से एकजुट होने की अपील

धरने के लिए लगाए गए बैनर में अधिवक्ताओं से आंदोलन में सहयोग करने की अपील की गई है। आयोजकों का कहना है कि आंदोलन का उद्देश्य अधिवक्ताओं के सम्मान, न्यायिक व्यवस्था में पारदर्शिता तथा कोर्ट परिसर की व्यवस्थाओं में सुधार की मांग को मजबूती से उठाना है।हालांकि, न्यायिक अधिकारियों पर लगाए गए भ्रष्टाचार और दुर्व्यवहार संबंधी आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।

इन आरोपों पर संबंधित न्यायिक अधिकारियों अथवा प्रशासन का पक्ष सामने आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल सिविल कोर्ट परिसर में जारी अनिश्चितकालीन धरने को लेकर न्यायिक कार्यप्रणाली और परिसर की गतिविधियों पर सभी की नजर बनी हुई है।

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