डेढ़ लाख रुपये का हुआ नुकसान, बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में बढ़ा जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा।
रिपोर्टर रोहित मिश्रा रायबरेली
धारा लक्ष्य समाचार पत्र
महराजगंज/रायबरेली। तहसील क्षेत्र में नैय्या नाले की बाढ़ से जहां जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है, वहीं पूरे रिसाल मजरे कुशमहुरा गांव में एक किसान की दो भैंसों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाने से परिवार पर आर्थिक संकट गहरा गया है। आशंका जताई जा रही है कि बाढ़ के पानी के साथ पहुंचे किसी जहरीले जीव के काटने से दोनों मवेशियों की जान चली गई।
इस घटना से किसान को करीब डेढ़ लाख रुपये का नुकसान हुआ है।जानकारी के अनुसार, गांव निवासी किसान राजेंद्र कुमार ने सोमवार शाम लगभग पांच बजे अपने घर के पास टीन शेड में बंधी दोनों भैंसों को चारा खिलाया था। चारा खाने के कुछ समय बाद ही दोनों भैंसें अचानक तड़पने लगीं और अचेत होकर जमीन पर गिर पड़ीं। घटना से घबराए किसान ने तत्काल पशु चिकित्सक को बुलाकर उपचार शुरू कराया, लेकिन हालत लगातार बिगड़ती गई।
काफी प्रयासों के बावजूद रात करीब आठ बजे दोनों भैंसों की मौत हो गई।ग्रामीणों का कहना है कि नैय्या नाले में आई बाढ़ के कारण आसपास के क्षेत्रों में जलभराव है और जहरीले जीव-जंतु आबादी वाले इलाकों तक पहुंच रहे हैं। ऐसे में पशुओं और लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
बाढ़ के कारण पशुओं के चारे का भी संकट गहरा गया है, जिससे पशुपालकों की मुश्किलें बढ़ रही हैं।
घटना की सूचना पर हल्का लेखपाल अल्ताफ हुसैन मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने पीड़ित किसान को आश्वस्त किया कि पशु चिकित्सकीय जांच रिपोर्ट के आधार पर शासन की ओर से मिलने वाली सहायता दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
वहीं पशु चिकित्सक डॉ. उमेश चंद्र ने बताया कि भैंसों की मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों की स्पष्ट पुष्टि हो सकेगी। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है और पीड़ित किसान ने प्रशासन से आर्थिक सहायता की मांग की है।
