शिव महापुराण कथा में पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, शिव महिमा का किया गुणगान

कहा— लोकमंगल के लिए विषपान करने वाले भगवान शिव सनातन संस्कृति के सबसे बड़े प्रेरणास्रोत।

रिपोर्टर रोहित मिश्रा रायबरेली

धारा लक्ष्य समाचार पत्र

ऊंचाहार, रायबरेली। रायबरेली के ऊंचाहार में आयोजित श्री शिव महापुराण कथा उस समय ऐतिहासिक बन गई जब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को कथा स्थल पहुंचे और हजारों श्रद्धालुओं के साथ भगवान शिव की महिमा का श्रवण किया। मुख्यमंत्री के आगमन से पूरा कथा परिसर जय-जय शिव शंकर और हर-हर महादेव के उद्घोष से गूंज उठा।

कैबिनेट मंत्री मनोज पांडे के संरक्षण में 11 से 17 सितंबर तक आयोजित हो रही इस भव्य श्री शिव महापुराण कथा में देश के सुप्रसिद्ध कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा श्रद्धालुओं को शिव भक्ति का अमृतपान करा रहे हैं। कथा स्थल पर पहले दिन से ही श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ रहा है। मुख्यमंत्री योगीआदित्यनाथ हेलीकॉप्टर से कार्यक्रम स्थल पहुंचे, जहां जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने उनका स्वागत किया।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भगवान शिव के लोककल्याणकारी स्वरूप का उल्लेख करते हुए कहा कि “हमारे सनातन धर्म की सबसे बड़ी पूंजी यही है कि भगवान शिव ने लोकमंगल के लिए विष को भी अपने कंठ में धारण किया। शिव त्याग, तपस्या, करुणा और मानव कल्याण के प्रतीक हैं।” उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति समाज को जोड़ने और मानवता के कल्याण का मार्ग दिखाने का कार्य करती है।

ऊंचाहार विधानसभा क्षेत्र में टोल प्लाजा के निकट आयोजित इस धार्मिक महाकुंभ में प्रदेश के विभिन्न जनपदों सहित पड़ोसी राज्यों से भी श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। कथा स्थल पर भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए थे और प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया।

मुख्यमंत्री की उपस्थिति से श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। लोगों ने इसे क्षेत्र के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताते हुए शिव भक्ति और सनातन संस्कृति के प्रति बढ़ते जनविश्वास का प्रतीक बताया। भव्य आयोजन ने न केवल धार्मिक आस्था को नई ऊंचाई दी बल्कि सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकता का भी संदेश दिया।

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