40 वर्षों से कब्जे वाली भूमि पर रातों-रात निर्माण का दावा, न्याय की गुहार लेकर अधिकारियों के दरवाजे पहुंचा पीड़ित परिवार
रिपोर्टर रोहित मिश्रा रायबरेली
धारा लक्ष्य समाचार पत्र
रायबरेली।डलमऊ तहसील क्षेत्र के लालगंज थाना अंतर्गत ग्राम भीरा गोविंदपुर में दलित परिवार की जमीन पर कथित कब्जे का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। पीड़ित परिवार ने गांव के कुछ दबंग लोगों पर उनकी पुश्तैनी भूमि पर अवैध रूप से कब्जा करने और रातों-रात निर्माण कार्य कराने का गंभीर आरोप लगाया है। मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है।
पीड़िता के अनुसार उनका परिवार करीब 40 वर्षों से संबंधित भूमि पर काबिज है और उसी भूमि पर अब विपक्षी पक्ष द्वारा निर्माण कराया जा रहा है। जब परिवार ने इसका विरोध किया तो उनकी शिकायतों को अनसुना कर दिया गया। पीड़िता का आरोप है कि मामले में वर्तमान लेखपाल और स्थानीय चौकी पुलिस निष्पक्ष कार्रवाई करने के बजाय विपक्षी पक्ष का सहयोग कर रहे हैं।
पीड़ित परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि वर्तमान लेखपाल का विपक्षी पक्ष के एक प्रभावशाली व्यक्ति से पारिवारिक संबंध है, जिसके चलते मामले में निष्पक्ष जांच नहीं हो रही है। इतना ही नहीं, विरोध दर्ज कराने पर लेखपाल द्वारा कथित रूप से अभद्र व्यवहार और गाली-गलौज किए जाने का भी आरोप लगाया गया है।दलित परिवार का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने हस्तक्षेप नहीं किया तो उनकी वर्षों पुरानी जमीन पर स्थायी कब्जा हो सकता है।
पीड़ित पक्ष ने जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच कराकर भूमि पर हो रहे निर्माण कार्य को तत्काल रोकने तथा दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है।ग्रामीणों का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह न केवल भूमाफियाओं के बढ़ते हौसलों को दर्शाता है, बल्कि राजस्व और पुलिस तंत्र की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। अब सभी की निगाहें प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।
