अमृत योजना की पोल खुली: बारिश में धंसी सड़क, सर्वोदय नगर में आवागमन ठप

सीवर लाइन निर्माण में लापरवाही का आरोप; गहरे गड्ढों से बढ़ा हादसे का खतरा, लोगों में रोष।

रिपोर्ट रोहित मिश्रा रायबरेली

धारा लक्ष्य समाचार पत्र

रायबरेली, 16 सितंबर। शहर के सर्वोदय नगर क्षेत्र में अमृत योजना के तहत कराए गए सीवर लाइन निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। रेलवे लाइन के समीप सीवर पाइप डालने के बाद बनाई गई इंटरलॉकिंग सड़क पहली ही तेज बारिश में कई स्थानों पर धंस गई, जिससे स्थानीय लोगों का आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। सड़क के किनारे और सीवर चेंबरों के आसपास तीन से चार फुट तक गहरे गड्ढे बन जाने से क्षेत्र में दुर्घटना की आशंका बढ़ गई है।

स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि सीवर लाइन बिछाने के दौरान सड़क की भराई और पुनर्निर्माण कार्य मानकों के अनुरूप नहीं कराया गया। सड़क को ऊपर से समतल कर इंटरलॉकिंग बिछा दी गई, लेकिन बारिश होते ही निर्माण की गुणवत्ता की हकीकत सामने आ गई। जगह-जगह धंसी सड़क और कीचड़ से राहगीरों, दोपहिया वाहन चालकों तथा स्कूली बच्चों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

शिकायत के बाद भी नहीं मिला समाधान

मोहल्ले के लोगों का कहना है कि सड़क धंसने की शिकायत संबंधित विभाग से की गई थी, लेकिन समस्या का समाधान करने के बजाय विभागीय कर्मचारियों ने पहले से क्षतिग्रस्त हिस्से को और खोद दिया। इसके बाद कार्य अधूरा छोड़ दिया गया, जिससे रास्ता और अधिक खराब हो गया तथा लोगों की मुश्किलें बढ़ गईं।

आपातकालीन सेवाओं पर भी संकट

स्थानीय निवासियों ने चिंता जताई कि सड़क की बदहाल स्थिति के कारण किसी भी आपातकालीन परिस्थिति में एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसी सेवाओं का प्रभावित क्षेत्र तक पहुंचना मुश्किल हो सकता है। संकरी और धंसी सड़क के कारण वाहन चालकों को जोखिम उठाकर गुजरना पड़ रहा है।

ठेकेदारों पर भ्रष्टाचार और मनमानी के आरोप

क्षेत्रवासियों ने अमृत योजना के कार्यों में जुड़े ठेकेदारों पर लापरवाही, मनमानी और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। लोगों का कहना है कि यदि सड़क की खुदाई के बाद मानकों के अनुसार भराई और दबाव परीक्षण किया गया होता तो सड़क इस तरह नहीं धंसती। पहली ही बारिश में सड़क का टूटना निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।

जांच और कार्रवाई की मांग

मोहल्लेवासियों ने नगर पालिका प्रशासन और संबंधित विभाग से तत्काल मौके का निरीक्षण कर सड़क निर्माण की गुणवत्ता की जांच कराने, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा धंसे हुए हिस्सों को मानक के अनुरूप दोबारा बनवाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो किसी बड़े हादसे से इंकार नहीं किया जा सकता।

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