महाराजगंज में आधार रिकॉर्ड से छेड़छाड़ का आरोप, डीएम से लेकर एसडीएम, कोतवाली और पुलिस अधीक्षक कार्यालय तक लगा चुकी गुहार।
रिपोर्टर रोहित मिश्रा रायबरेली
धारा लक्ष्य समाचार पत्र
रायबरेली, महाराजगंज। आधार कार्ड में बिना अनुमति नाम परिवर्तन का गंभीर मामला सामने आने के बाद एक महिला न्याय की तलाश में सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने को मजबूर है। ग्राम मऊशर्की निवासी मधु मौर्या पत्नी स्वर्गीय सुरेश कुमार मौर्या ने आरोप लगाया है कि उनके आधार रिकॉर्ड में बिना उनकी जानकारी और अनुमति के नाम बदल दिया गया, जिसके चलते उन्हें विभिन्न सरकारी और बैंकिंग कार्यों में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
पीड़िता के अनुसार उन्होंने वर्ष 2025 में आधार अपडेट कराने की प्रक्रिया पूरी कराई थी। सब कुछ सामान्य चल रहा था, लेकिन 5 सितंबर 2026 को जब वह पंजाब नेशनल बैंक, महराजगंज में नया खाता खुलवाने पहुंचीं तो उन्हें हैरान कर देने वाली जानकारी मिली। बैंक में आधार सत्यापन के दौरान पता चला कि उनके आधार रिकॉर्ड में नाम “मधु मौर्या” के स्थान पर “रंजना मौर्या” दर्ज हो चुका है।
यह जानकारी मिलते ही महिला के पैरों तले जमीन खिसक गई। पीड़िता का कहना है कि उन्होंने कभी भी नाम परिवर्तन के लिए कोई आवेदन नहीं किया और न ही किसी व्यक्ति को ऐसा करने की अनुमति दी। इसके बावजूद आधार रिकॉर्ड में बदलाव होना कई सवाल खड़े कर रहा है।
महिला का आरोप है कि कहीं न कहीं आधार अपडेट प्रक्रिया में गंभीर लापरवाही या फर्जीवाड़ा हुआ है, जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
न्याय की उम्मीद में पीड़िता ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर पूरे प्रकरण की जांच कराने की मांग की है। साथ ही उन्होंने संबंधित आधार केंद्र, ऑपरेटर, लॉगइन आईडी और नाम परिवर्तन से जुड़े सभी डिजिटल रिकॉर्ड की जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
पीड़िता का दर्द यहीं खत्म नहीं होता। उनका कहना है कि वह न्याय के लिए लगातार अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर काट रही हैं। कभी जिलाधिकारी कार्यालय, कभी उपजिलाधिकारी कार्यालय, कभी कोतवाली तो कभी पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर गुहार लगा चुकी हैं, लेकिन अभी तक उन्हें ठोस राहत नहीं मिल सकी है। महिला का कहना है कि एक साधारण ग्रामीण महिला के लिए अपनी पहचान साबित करना ही सबसे बड़ी चुनौती बन गया है।
मामले की जानकारी सामने आने के बाद क्षेत्र में भी चर्चा का माहौल है। लोगों का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति की जानकारी के बिना आधार जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज में नाम बदला जा सकता है तो यह आम नागरिकों की सुरक्षा और पहचान व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न है। फिलहाल प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के निर्देश दिए हैं। अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं कि आखिर मधु मौर्या के आधार रिकॉर्ड में बदलाव कैसे हुआ और इसके पीछे कौन जिम्मेदार है।
