5 किलो की जगह 4 किलो राशन देने और अभद्रता के आरोप, ग्रामीणों की शिकायत के बाद सप्लाई इंस्पेक्टर ने शुरू की जांच।
रिपोर्टर : रोहित मिश्रा रायबरेली
धारा लक्ष्य समाचार पत्र
महराजगंज, रायबरेली। तहसील क्षेत्र के ग्राम कैर (वासीगढ़ मजरा) में राशन वितरण को लेकर उठे विवाद ने तूल पकड़ लिया है। ग्रामीणों द्वारा कोटेदार और उसके पुत्र पर राशन वितरण में धांधली, कम तौल तथा लाभार्थियों से अभद्र व्यवहार करने के आरोप लगाए जाने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया। शिकायतों के बाद बुधवार को सप्लाई इंस्पेक्टर मुकेश पांडे गांव पहुंचे और कार्डधारकों से बातचीत कर मामले की जांच शुरू की।
ग्रामीणों का आरोप है कि राशन वितरण के दौरान मानक बाट की जगह ईंट का इस्तेमाल किया जाता है तथा 5 किलो के स्थान पर केवल 4 किलो राशन दिया जाता है। कई ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि कोटेदार का पुत्र राशन लेने पहुंचे लोगों से अभद्रता करता है और विरोध करने पर धमकाता है। राशन न मिलने और कम तौल की शिकायतों से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।
मंगलवार को दर्जनों ग्रामीण तहसील परिसर स्थित एसडीएम कार्यालय पहुंचे और तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। शिकायत मिलने पर उपजिलाधिकारी आयुष अग्रवाल ने तत्काल संज्ञान लेते हुए सप्लाई इंस्पेक्टर को जांच के निर्देश दिए और जल्द रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव के कई पात्र लाभार्थियों को इस माह अब तक राशन नहीं मिला है, जबकि कुछ लोगों को निर्धारित मात्रा से कम खाद्यान्न दिया गया। इससे गरीब, मजदूर और जरूरतमंद परिवारों के सामने भोजन का संकट खड़ा हो गया है।
शिकायत पत्र में अखिलेश, राजेश्वरी, नीलम, कुसुम, देवकल, रामकली, सुरेश कुमार, प्रेम कुमारी, पुष्पा, कन्हैया, राजकली, प्रेमचंद, श्याम कुमारी, रामदेव, सुधीर कुमार, करण, देवानंद और राजेश सहित दर्जनों ग्रामीणों के हस्ताक्षर हैं।
