परिकल्पित और निर्मित भारत आज दुनिया के सामने गर्व से खड़ा है।”

परिकल्पित और निर्मित भारत आज दुनिया के सामने गर्व से खड़ा है।”

देश की राजनीतिक और भौगोलिक सीमाओं को आकार देने में सरदार पटेल की भूमिका का जिक्र करते हुए शाह ने कहा कि उनका योगदान सिर्फ रियासतों के विलय तक सीमित नहीं था, बल्कि उन्होंने देश की क्षेत्रीय अखंडता को मजबूत करने में भी अहम भूमिका निभाई।

‘अखंड भारत के नक्शे के निर्माता हैं सरदार पटेल‘

शाह ने कहा, “हम सभी जानते हैं कि जब से प्रधानमंत्री मोदी देश के प्रधानमंत्री बने हैं, तब से हम सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मना रहे हैं। वह एक महान व्यक्तित्व थे, जिन्होंने न केवल देश का इतिहास बदला, बल्कि उसके भूगोल को भी आकार दिया। कई रियासतों को एकजुट करने के कठिन काम को पूरा करते हुए उन्होंने सभी को एक सूत्र में पिरोया। सरदार साहब आज हमारे सामने मौजूद अखंड भारत के नक्शे के निर्माता बने।”

उन्होंने आगे कहा, “उन्होंने सिर्फ भारत के भौगोलिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक एकीकरण के प्रयासों को सफल नहीं बनाया, बल्कि इन सभी को एक साथ जोड़कर देश को एक एकजुट राष्ट्र का रूप दिया।” इस अवसर पर अमित शाह ने मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम से ‘रन फॉर यूनिटी’ को हरी झंडी दिखाई।

‘देश में विविधता हमारी कमजोरी नहीं, मजबूती‘

उन्होंने कहा, ”प्रधानमंत्री ने जो विकसित भारत की कल्पना की है, उसका पहला चरण नशामुक्त भारत है। पीएम मोदी के कार्यकाल में कई निर्णायक काम हुए हैं, जिनमें धारा 370 हटाना, कश्मीर को हमेशा के लिए भारत के साथ जोड़ना, देश से नक्सलवाद समाप्त करना, एक देश, एक कर प्रणाली लागू करना शामिल है। इसके साथ ही कई और बड़े काम हुए हैं।”

अमित शाह ने कहा, ”देश में भाषाई, सांस्कृतिक और पारंपरिक विविधता हमारी कमजोरी नहीं, हमारी मजबूती है। यही सरदार पटेल का संदेश था। सोमनाथ के मंदिर के निर्माण की कल्पना भी सरदार पटेल ने की थी। आज पीएम मोदी के नेतृत्व में मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत देश को विश्व की अंतरराष्ट्रीय तालिकाओं में प्रथम स्थान की दिशा में आगे ले जा रहा है।”

 

सादर साभार अमर उजाला

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