गुरुकुल सृजन महोत्सव में दिखी छात्र-छात्राओं की रचनात्मक प्रतिभा, हस्तशिल्प के स्टालों ने मोहा मन।

धारा लक्ष्य समाचार पत्र

रिपोर्टर रोहित मिश्रा रायबरेली

महाराजगंज/रायबरेली। गुरुकुल महाविद्यालय पुरासी, हलोर में बुधवार को गुरुकुल सृजन महोत्सव-2026 का भव्य आयोजन किया गया। महोत्सव में छात्र-छात्राओं ने अपनी रचनात्मकता, हुनर और कलात्मक प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन करते हुए घरेलू सजावट एवं हस्तशिल्प से जुड़ी विभिन्न वस्तुओं के आकर्षक स्टाल लगाए। इन स्टालों पर बंदनवार, तोरण, हैंडबैग, दीपक, रंगोली, दीपदान, पेंटिंग सहित अनेक आकर्षक हस्तनिर्मित वस्तुएं प्रदर्शित की गईं, जिन्होंने लोगों का ध्यान आकर्षित किया।

महोत्सव को देखने और नई जानकारियां हासिल करने के उद्देश्य से राजकीय बालिका इंटर कॉलेज महाराजगंज, राजकीय इंटर कॉलेज हलोर, राजा चंद्रचूड़ इंटर कॉलेज महाराजगंज तथा आंबेडकर बालिका डिग्री कॉलेज महाराजगंज की छात्राओं ने प्रतिभाग किया। इस अवसर पर विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाचार्य एवं शिक्षकगण भी मौजूद रहे।

छात्र-छात्राओं ने एक-दूसरे के हुनर को करीब से देखा और अपने अनुभव साझा किए।महोत्सव की खास बात यह रही कि प्रदर्शित अधिकांश सजावटी एवं हस्तशिल्प की वस्तुएं घरों में अनुपयोगी समझे जाने वाले रद्दी सामान और पुराने मटेरियल से तैयार की गई थीं।

छात्राओं ने बताया कि बेकार समझी जाने वाली वस्तुओं का रचनात्मक उपयोग करके सुंदर और उपयोगी सामान बनाया जा सकता है। वहीं गृह विज्ञान की छात्राओं ने विभिन्न प्रकार के वस्त्रों पर पेंटिंग, सिलाई-कढ़ाई तथा अन्य हस्तकला से संबंधित जानकारियां भी साझा कीं।इस शैक्षणिक संगम के माध्यम से विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक एवं शिक्षणेत्तर गतिविधियों के महत्व को समझने का अवसर मिला।

साथ ही उनमें रचनात्मक सोच, आत्मनिर्भरता, कौशल विकास और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता का संदेश भी दिया गया।कार्यक्रम में महाविद्यालय की उपाध्यक्ष श्रीमती पूजा मिश्रा ने दूसरे विद्यालयों से आए प्रधानाचार्यों एवं शिक्षकों का स्मृति चिह्न भेंटकर स्वागत एवं सम्मान किया।

वहीं प्राचार्या प्रांजलि शुक्ला ने महोत्सव में शामिल हुए सभी छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया।इस अवसर पर गुरुकुल महाविद्यालय का समस्त शैक्षणिक स्टाफ, समाज के गणमान्य नागरिक एवं अभिभावक उपस्थित रहे। गुरुकुल सृजन महोत्सव ने अलग-अलग विद्यालयों और परिवेश से आए विद्यार्थियों को एक साझा मंच प्रदान किया, जहां उन्होंने अपने हुनर, अनुभव और ज्ञान का आदान-प्रदान किया।

यह आयोजन विद्यार्थियों की प्रतिभा को निखारने के साथ ही रचनात्मक शिक्षा और आपसी सहयोग की दिशा में एक सराहनीय पहल साबित हुआ।

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