Barabanki: घाघरा नदी के घटते जलस्तर के बावजूद कटान का खतरा बरकरार

रामनगर के जैनपुरवा गांव में नदी ने शुरू किया जमीन निगलना, ग्रामीण सतर्क

धारा लक्ष्य समाचार

अब्दुल मुईद बाराबंकी। सरयू नदी के घटते जलस्तर के बीच बाराबंकी जनपद के रामनगर क्षेत्र में स्थित संजय सेतु की कोठी के पास जैनपुरवा गांव में कटान की समस्या गंभीर होती जा रही है। नेपाल के गिरजा और शारदा बैराज से लाखों क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद सरयू नदी में जलस्तर उफान पर था, लेकिन अब इसमें गिरावट दर्ज की जा रही है।

केंद्रीय जल आयोग के अनुसार सोमवार को एल्गिन ब्रिज स्थल पर सरयू नदी का जलस्तर 105.590 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से नीचे है और प्रति घंटे तीन सेंटीमीटर की दर से घट रहा है।

घाघरा नदी का डेंजर लेवल 106.070 मीटर और चेतावनी स्तर 105.070 मीटर निर्धारित है। वर्ष 2014 में नेपाल द्वारा छोड़े गए पानी के कारण जलस्तर रिकॉर्ड 107.616 मीटर तक पहुंच गया था। फिलहाल जलस्तर में तेजी से गिरावट हो रही है, लेकिन नदी द्वारा कई स्थानों पर कटान जारी है।

ग्राम प्रधान सुशील कुमार यादव के अनुसार, जैनपुरवा गांव जो तपेसिपाह के अंतर्गत आता है, वहां नदी का किनारा कटने लगा है। राजा राम के घर के सामने पड़ी खाली जमीन को नदी तेजी से काट रही है। कटान की स्थिति गंभीर होने पर ग्रामीण घर खाली कर सुरक्षित स्थानों पर चले जाते हैं।

कोरिन पुरवा ग्राम के किनारे भी घाघरा नदी पहुंच चुकी है, हालांकि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक नदी का जलस्तर कम हो रहा है, खतरा कम है, लेकिन कटान की गति लगातार बनी हुई है।

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