फारेन्सिक विषय कानून का एक महत्वपूर्ण पहलू है : डॉ0 जी. के. गोस्वामी लखनऊ: उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ़ फॉरेंसिक साइंस लखनऊ में आज एनसीआर दिल्ली, उत्तराखंड,चेन्नई. मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ एवं उत्तर प्रदेश के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों से आए हुए 38 छात्र छात्राओं का समर इंटर्नशिप कोर्स सकुशल संपन्न हुआ ।
मुख्य अतिथि अपर पुलिस महानिदेशक लाजिस्टिक उ0प्र0, श्री राज कुमार द्वारा इन्टर्नशीप कार्यक्रम का समापन किया गया। इस अवसर पर उन्हें संस्थान के संस्थापक निदेशक डॉ. जी0के0 गोस्वामी एवं अपर निदेशक श्री राजीव मल्होत्रा ने प्रतीक चिन्ह भेट कर सम्मानित किया।

मुख्य अतिथि श्री राजकुमार ने विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं कॉलेज से आए हुए छात्र छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान में नये कानून में फारेन्सिक विषय को प्राथमिकता दी गयी है जो कैरियर के लिए बृहद संभावनायें खोलतीं हैं।
संस्थान के संस्थापक निदेशक डॉ. जी के गोस्वामी ने कहा कि फारेन्सिक विषय कानून का एक महत्वपूर्ण पहलू है जो न्यायिक व्यवस्था को साक्ष्यों के आधार पर मजबूती प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि फारेन्सिक के क्षेत्र में युवाओं के लिए रोजगार के लिये बेहतर अवसर है जिसके लिये आप मे लगनशीलता होनी चाहिए। यदि आपके पास लगन है।

तो निश्चित रूप से सफलता मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि आप सभी युवा है आपको अपने कैरियर में अच्छे सहयोगी साथी का चयन करना चाहिए जो आपको अच्छे रास्ते पर ले जाय यदि साथी सही नही है तो आप गलत दिशा में जा सकते हैं।
इस अवसर पर अपर निदेशक श्री राजीव मल्होत्रा ने संबोधित करते हुए कहा कि आप सभी अपने जीवन में एक बात याद रखियेगा कि संकल्प का कोई बिकल्प नहीं होता है। आप यूपीएसआईएफएस से एक संकल्प लेकर जाइयेगा संकल्पित मन ही सफलता की सीढियों को आसानी से चढ पाता है। उन्होंने संस्थान एवं प्रशिक्षण के बारे में भी प्रकाश डाला।
इस अवसर पर यूपीएसआईएफएस के अपर पुलिस अधीक्षक चिरंजिब मुखर्जी श्री अतुल यादव जनसंपर्क अधिकारी श्री संतोष तिवारी प्रतिसार निरीक्षक श्री बृजेश सिंह, श्री गिरिजेश राय, फैकल्टीज डॉ अरुण खत्री, डॉ सपना शर्मा, डॉ. प्रेरणा, डॉ. प्रीती, डॉ. नेहा, डॉ. निताशा, डॉ. नेहा माथुर, डॉ. श्रुति दास, डॉ.अजीत कुमार एवं डॉ. अंजुली थायबर सहित अन्य उपस्थित रहे।
