धारा लक्ष्य समाचार पत्र
देवघर। स्थानीय बी० एड० कॉलेज प्रांगण में दिव्य ज्योति जागृति संस्थान द्वारा पाँच दिवसीय श्री रामचरित मानस व गीता ज्ञान यज्ञ के ज्ञानवर्धक व भक्तिमय आयोजन पर स्वामी यादवेन्द्रानन्द जी महाराज ने कहा कि भक्ति मानव जीवन को शुद्ध, निर्मल और मधुर बना देता है।
जब हृदय में भक्ति जागृत होती है, तब अहंकार, क्रोध, लोभ, मोह, द्वेष, ईर्ष्या जैसे नकारात्मक भाव स्वयं समाप्त हो जाते है। और भक्त का जीवन प्रेम, सद्भाव प्यार, करुणा और त्याग व निष्ठा से ओत प्रोत हो जाता है। जो मनुष्य भक्ति में समर्पित रहता है, बही वास्तव मे जीवन के अर्थ को समझ पाता है।
भक्ति ही जीवन की दिशा, मोक्ष का द्वारऔर शान्ति का आधार है। कथावाचिका साध्वी अमृता भारती जी, साध्वी प्रीति भारती जी, साध्वी सरिता भारती जी ने मानव जीवन के रोचक तथ्यों पर ज्ञानवर्द्धक व प्रेरक महत्ता पर चर्चा की। श्री गोपाल जी, श्री चन्दन जी, भी रामउद्गार जी की सक्रिय भूमिका रही।
दीप प्रज्जवलन श्री मनोज सिंह, श्री प्रभाष गुप्ता, श्री राम सेवक सिंह गुंजन, भी संजय सिंह, श्री मिथिलेश बाजपेई, श्री अभय सिंह, श्री सचिन सुल्तानियाँ इत्यादि द्वारा किया गया। पंडाल में भारी संख्या में पुरुष व महिलाएँ भक्तिरस मे डूबे रहें। और कार्यक्रम का रसपान करते रहे। संस्थान विगत चार दशकों से जन-कल्याण हेतू परमात्मा की शाश्वत भक्ति का संदेश निष्काम भाव से जन-मानस तक पहुँचाने में कार्यरत है।

