Varanasi UP…आईयूसीटीई में ‘एडटेक कनेक्ट’ अंतर्राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का दूसरा दिन सम्पन्न।

आईयूसीटीई में ‘एडटेक कनेक्ट’ अंतर्राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का दूसरा दिन सम्पन्न।

वाराणसी स्थित अन्तर विश्वविद्यालय अध्यापक शिक्षा केन्द्र (आईयूसीटीई) में आयोजित सात दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम “द एडटेक कनेक्ट: एम्पावरिंग द ग्लोबल साउथ” के दूसरे दिन विभिन्न सत्रों का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता प्रो. रमेश शर्मा (बी.बी.ए.यू., नई दिल्ली) ने ओपन एजुकेशनल रिसोर्सेज (OER) और लाइसेंसिंग के माध्यम से शिक्षा को अधिक सुलभ बनाने पर बल दिया। उन्होंने बताया कि वर्चुअल रियलिटी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी नई तकनीकें शिक्षण प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और अनुभवात्मक बना रही हैं, वहीं मोबाइल-फर्स्ट और लो-बैंडविड्थ डिजाइन ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा को समावेशी बना रहे हैं।
उन्होंने लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम (LMS) की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह शिक्षकों और विद्यार्थियों के बीच संवाद का प्रभावी मंच बन चुका है, जहां पाठ्य सामग्री, असाइनमेंट और क्विज़ एक ही स्थान पर उपलब्ध रहते हैं। कार्यक्रम के चौथे सत्र में डॉ. सुनील कुमार त्रिपाठी (आईयूसीटीई) ने रेफरेंसिंग सिस्टम और साइटेशन मैनेजमेंट टूल्स के महत्व पर चर्चा करते हुए ओपन साइंस और रिसर्च डिसेमिनेशन की आवश्यकता बताई।
कार्यक्रम में श्रीलंका, कम्बोडिया, घाना, किर्गिस्तान, मॉरीशस, थाईलैंड, युगांडा, उज्बेकिस्तान, ताजिकिस्तान और इथियोपिया सहित 10 देशों के 24 शिक्षक प्रतिभाग कर रहे हैं। कार्यक्रम के निदेशक प्रो. आशीष श्रीवास्तव हैं, जबकि समन्वयक डॉ. राजा पाठक और सह-समन्वयक डॉ. सुनील कुमार त्रिपाठी हैं।
अगर चाहें तो मैं इसे और भी छोटा (5–6 लाइन का “न्यूज़ ब्रीफ” स्टाइल) भी बना सकता हूँ, जो कई अखबारों में ज्यादा आसानी से छप जाता है।

Related posts