धारा लक्ष्य समाचार पत्र
पंजाब के गुरदासपुर जिले के एक निजी अस्पताल में ग्रेनेड से हमला किया गया,
जिससे आपातकालीन वार्ड की खिड़कियों के शीशे और कांच का दरवाजा टूट गया। पुलिस ने बताया कि हमले के कुछ ही घंटों के भीतर पुलिस ने एक ऐसे संदिग्ध को गिरफ्तार कर लिया, जिसके तार विदेश स्थित उसके आका से जुड़े हुए हैं।
गुरदासपुर : पंजाब के गुरदासपुर जिले से हिला देनेवाली खबर आई है। यहां पर ऐतिहासिक सीमावर्ती शहर कलानौर के एक अस्पताल में तब अफरा-तफ़री मच गई, जब एक अज्ञात हमलावर ने इमरजेंसी वार्ड में एक विस्फोटक फेंक दिया। बताया जा रहा है कि जो विस्फोटक फेंका गया था, वह एक ग्रेनेड था। हालांकि पुलिस अधिकारियों ने इस घटना को गंभीरता से नहीं लिया और कहा कि सिर्फ खिड़कियों के शीशे टूटे हैं। मामले में एक संदिग्ध को पकड़ा गया है। बताया जा रहा है कि उसके तार विदेश में बैठे उसके आकाओं में जुड़े हैं, जिन्होंने अस्पताल पर हमला करवाया।
गुरदासपुर हमला
हॉस्पिटल का नाम मुल्तानी अस्पताल है। यहां के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. संत प्रकाश सिंह मुल्तानी ने बताया कि दोपहर करीब 2:30 बजे एक अज्ञात व्यक्ति अस्पताल में घुसा और इमरजेंसी वार्ड की तरफ एक ग्रेनेड फेंक दिया, जिससे एक धमाका हुआ और काफ़ी संपत्ति का नुकसान हुआ।
रंगदारी के पीछे अस्पताल में हमले की आशंका
हालांकि डॉ. मुल्तानी ने कहा कि सौभाग्य से किसी की जान नहीं गई क्योंकि उस समय वार्ड खाली था, लेकिन धमाके से खिड़कियों के शीशे टूट गए, फ़र्श उखड़ गया और पास रखे स्ट्रेचर और व्हीलचेयर नष्ट हो गए। अस्पताल के प्रमुख को पूरा शक है कि इस दिन-दहाड़े हुए हमले के पीछे रंगदारी मांगने वालों का हाथ है। उन्होंने बताया कि पिछले साल अगस्त और अक्टूबर में उन्हें अज्ञात लोगों से पैसे की मांग करते हुए रंगदारी के फ़ोन आए थे।
कलानौर के SHO को सूचना मिली कि कलानौर के मुल्तानी अस्पताल में एक ज़ोरदार धमाका हुआ है। SHO और DSP ने तुरंत घटनास्थल का मुआयना किया। हमारी फोरेंसिक टीम ने वहां ग्रेनेड होने की पुष्टि की। इस घटना के संबंध में, पुलिस ने कई टीमें गठित कीं। पंजाब पुलिस और उसकी काउंटर-इंटेलिजेंस विंग के एक संयुक्त अभियान के ज़रिए, जिसमें तकनीकी और मानवीय, दोनों तरह की खुफिया जानकारी का इस्तेमाल करते हुए विस्तृत जांच की गई।
गुरदासपुर के SSP आदित्य शर्मा
धमकी भरे कॉल बंद हुए तो लगा मामला शांत
डॉ. मुल्तानी ने खुलासा किया कि उन्हें धमकियां मिल रही थीं। उन्होंने इन शुरुआती धमकियों की जानकारी पुलिस अधिकारियों को दी थी, लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। डॉ. मुल्तानी ने माना कि अगले कुछ महीनों तक फोन न आने से उन्हें सुरक्षा का झूठा एहसास हो गया था। उन्होंने कहा कि मुझे लगा था कि वे भूल गए हैं, लेकिन आज के ग्रेनेड हमले ने मुझे गलत साबित कर दिया। उन्होंने यह भी दावा किया कि आस-पास के कुछ अन्य अस्पतालों को भी रंगदारी के फोन आए थे और अतीत में उनमें से एक या दो पर हमले भी हुए थे।
विदेशी हैंडलर का नाम आया सामने
एसएसपी ने बताया कि आरोपी धर्मेंद्र को गिरफ्तार कर लिया गया। वह कलानौर पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आने वाले अगवान गांव का रहने वाला है। इसके अलावा, इस मामले में एक विदेशी हैंडलर का नाम भी सामने आया है, और पुलिस फिलहाल सभी संबंधित तथ्यों की गंभीरता से और गहन जांच कर रही है। पंजाब के मुख्यमंत्री और पंजाब के DGP के निर्देशों के आधार पर, पंजाब पुलिस राज्य के भीतर सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
इलाके में फैली दहशत
दिन-दहाड़े हुई इस घटना से सीमावर्ती ज़िले में तनाव फैल गया है। यह घटना इस क्षेत्र में पहले हुई उग्रवादी गतिविधियों की याद दिलाती है, जहां पहले भी स्थानीय पुलिस चौकियों पर ग्रेनेड से जानबूझकर किए गए हमलों की कई घटनाएं हो चुकी हैं।
