एआई और भारतीय ज्ञान परंपरा के समन्वय पर फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम शुरू
हजारीबाग, विनोबा भावे विश्वविद्यालय में “Equity-Centred Higher Education: Integrating Bhāratīya Jñāna Paramparā and Artificial Intelligence” विषय पर फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (एफडीपी) का शुभारंभ हुआ। आईयूसीटीई वाराणसी के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम में शिक्षकों को भारतीय ज्ञान परंपरा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के समन्वय से समावेशी एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के नए आयामों से परिचित कराया जाएगा।
उद्घाटन सत्र में शिक्षा मंत्रालय के आईकेएस डिवीजन के राष्ट्रीय समन्वयक प्रो. गांटी एस. मूर्ति ने भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक शिक्षा और विज्ञान से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया। आईयूसीटीई, बीएचयू के निदेशक प्रो. प्रेम नारायण सिंह ने भारत को उसके अपने दृष्टिकोण से समझने तथा शिक्षा में भारतीय चिंतन को अपनाने की बात कही। कुलपति प्रो. चंद्र भूषण शर्मा ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा और एआई का समन्वय भविष्य की शिक्षा को अधिक प्रभावी, समावेशी और मानवीय बनाएगा।
कार्यक्रम में प्रो. मिथिलेश कुमार सिंह, प्रो. आशीष श्रीवास्तव, डॉ. राजा पाठक और डॉ. अरुण कुमार मिश्रा सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, शोधार्थी एवं शिक्षाविद उपस्थित रहे।
