जिला रिपोर्टर रोहित मिश्रा रायबरेली
धारा लक्ष्य समाचार पत्र
महराजगंज (रायबरेली)
उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले के महराजगंज अंतर्गत उपनिबंधक (सब-रजिस्ट्रार) कार्यालय के सामने सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब अपनी बहन को जमीन दान करने आए पिता के सामने ही भाई और भतीजे ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को संभाला और आरोपियों को हिरासत में लिया।
बाद में पुलिस की कड़ी सुरक्षा के बीच दानपत्र (गिफ्ट डीड) के पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी की गई।क्या है पूरा मामला?मुरैनी ग्राम के निवासी हरिप्रसाद सोमवार को अपनी बेटी संतोष कुमारी के नाम अपनी 3 बीघा जमीन का दानपत्र पंजीकृत कराने उपनिबंधक कार्यालय पहुंचे थे। इसकी भनक जैसे ही हरिप्रसाद के बेटे अंबिका और पोते विकास को लगी,
वे भी उपनिबंधक कार्यालय पहुंच गए।अपनी बहन संतोष कुमारी को पिता के साथ देखकर दोनों आग बबूला हो गए। देखते ही देखते दोनों पक्षों में तीखी बहस शुरू हो गई, जो जल्द ही मारपीट में तब्दील हो गई। सरेराह उपनिबंधक कार्यालय के सामने हो रहे इस हंगामे से मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
पुलिस सुरक्षा में दर्ज हुआ बयान घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने बीच-बचाव कर मामले को शांत कराया और मारपीट कर रहे भाई अंबिका व भतीजे विकास को हिरासत में लेकर कोतवाली ले आई।
इसके बाद, कोतवाली प्रभारी (कोतवाल) जगदीश यादव और पुलिस बल की मौजूदगी में हरिप्रसाद ने उपनिबंधक अधिकारी सुधा यादव के समक्ष अपना बयान दर्ज कराया। उपनिबंधक अधिकारी ने बताया कि वृद्ध हरिप्रसाद ने पूरी तरह स्वेच्छा से अपनी बेटी संतोष कुमारी को मुरैनी ग्राम की 3 बीघा भूमि का दानपत्र पंजीकृत कर दिया है।
आरोपियों पर कानूनी कार्रवाई कोतवाल जगदीश यादव ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि हरिप्रसाद अपनी मर्जी से बेटी को जमीन दान करने आए थे, लेकिन उनके बेटे और पोते ने उनके और बेटी के साथ मारपीट की।
पुलिस ने दोनों आरोपियों (अंबिका और विकास) के खिलाफ शांति भंग की धाराओं के तहत कार्रवाई करते हुए उन्हें उपजिलाधिकारी (एसडीएम) न्यायालय भेजा, जहां से जमानत मिलने के बाद एसडीएम ने उन्हें रिहा कर दिया।
