29 शिकायतों पर महिला आयोग की जनसुनवाई, लहरपुर में महिला जन चौपाल के जरिए योजनाओं का किया प्रचार-प्रसार

घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न समेत विभिन्न मामलों पर सुनी शिकायतें, तीन गर्भवतियों की गोद भराई और दो बच्चों का कराया गया अन्नप्राशन

धारा लक्ष्य समाचार 

जिला संवाददाता शफीक अहमद

सीतापुर। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य सुजीता कुमारी ने शुक्रवार को सदर तहसील सभागार में आयोजित महिला जनसुनवाई में महिलाओं की समस्याएं सुनीं। जनसुनवाई के दौरान जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों से आई महिलाओं की 29 शिकायतें प्राप्त हुईं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को मामलों का समयबद्ध एवं निष्पक्ष निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

जनसुनवाई में महिलाओं ने घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, मानसिक प्रताड़ना, संपत्ति विवाद, कार्यस्थल पर उत्पीड़न सहित विभिन्न समस्याएं आयोग के समक्ष रखीं। कई महिलाओं ने अपनी शिकायतें लिखित रूप में भी सौंपीं। सुजीता कुमारी ने कहा कि हर पीड़ित महिला को न्याय दिलाना महिला आयोग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। आयोग संबंधित विभागों और जिला प्रशासन के सहयोग से महिलाओं को शीघ्र न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि महिला आयोग एक वैधानिक संस्था है, जो महिलाओं के अधिकारों की रक्षा, सुरक्षा और कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। आयोग जनसुनवाई, जागरूकता अभियान और निरीक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाओं की समस्याओं के समाधान का प्रयास करता है। उन्होंने महिलाओं से अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने तथा अन्याय और अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आयोग पीड़ित महिलाओं को कानूनी सहायता, परामर्श और मानसिक सहयोग भी उपलब्ध कराता है।

जनसुनवाई के बाद विकासखंड सभागार लहरपुर में महिला जन चौपाल का आयोजन किया गया। चौपाल में सुजीता कुमारी ने महिलाओं को केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए उनका अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम के दौरान तीन गर्भवती महिलाओं की गोद भराई तथा दो बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार भी कराया गया। महिलाओं को फल, सब्जियां एवं अन्य उपयोगी सामग्री वितरित कर उनके स्वस्थ एवं सुखद भविष्य की कामना की गई।

जनसुनवाई एवं महिला जन चौपाल में उपजिलाधिकारी सदर जर्नादन, पुलिस विभाग तथा महिला कल्याण सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने महिलाओं की समस्याएं सुनकर उनके शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया।

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