जिला रिपोर्टर रोहित मिश्रा रायबरेली
धारा लक्ष्य समाचार पत्र
रायबरेली। हरचंदपुर थाना क्षेत्र के ओई गांव में खेत की मिट्टी धंसने से सामने आई रहस्यमयी सुरंग को लेकर लोगों की उत्सुकता लगातार बढ़ती जा रही है। सुरंग मिलने के चार दिन बाद भी प्रशासन की ओर से मौके पर सुरक्षा के कोई ठोस इंतजाम नहीं किए गए हैं। न तो बैरिकेडिंग कराई गई है और न ही लोगों की आवाजाही पर रोक लगाई गई है। ऐसे में प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण और आसपास के लोग सुरंग को देखने पहुंच रहे हैं तथा कई लोग जान जोखिम में डालकर उसके अंदर उतर रहे हैं।
रविवार को सुरंग के भीतर उतरे कुछ ग्रामीणों के हाथ प्राचीन मिट्टी की एक सुराही और हैंडल वाली धूपदानी (हंडी) मिलने का दावा किया गया। इन वस्तुओं के मिलने के बाद सुरंग को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं तेज हो गई हैं। ग्रामीणों का मानना है कि यह स्थान ऐतिहासिक या पुरातात्विक महत्व का हो सकता है, जिसकी विशेषज्ञों से विस्तृत जांच कराई जानी चाहिए।
बताया जा रहा है कि जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुरातत्व विभाग को जांच के लिए पत्र भेज दिया है। हालांकि, मौके पर सुरक्षा व्यवस्था न होने से प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। खेत मालिक और ग्रामीणों का कहना है कि प्रतिदिन करीब 400 से 500 लोग सुरंग देखने पहुंच रहे हैं।
यदि समय रहते बैरिकेडिंग और सुरक्षा घेरा नहीं बनाया गया तो किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल बैरिकेडिंग कर सुरंग क्षेत्र को सुरक्षित करने, लोगों के प्रवेश पर नियंत्रण लगाने तथा पुरातत्व विभाग की टीम भेजकर वैज्ञानिक ढंग से खुदाई और जांच शुरू कराने की मांग की है। गांव में मिले प्राचीन बर्तनों के बाद यह रहस्यमयी सुरंग अब पूरे जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है।
