बाराबंकी में आयोजित हुई मीडिया कार्यशाला ‘वार्तालाप’, फेक न्यूज और फैक्ट-चेकिंग पर पत्रकारों को दी गई व्यावहारिक जानकारी

पद्मश्री रामसरन वर्मा बोले—किसान की आय, सुरक्षा, सिंचाई और बाजार तक पहुंच मजबूत करना कृषि नीति का प्रमुख उद्देश्य

PIB निदेशक दिलीप कुमार शुक्ल ने फेक न्यूज को बताया ‘वायरस’, बोले—इसे फैलने से रोकना पत्रकारों की बड़ी जिम्मेदारी

डीएम ईशान प्रताप सिंह ने ग्रामीण पत्रकारों में जागरूकता बढ़ाने की पहल को बताया सराहनीय

धारा लक्ष्य समाचार पत्र

बाराबंकी, 9 अगस्त। भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के पत्र सूचना कार्यालय (PIB), लखनऊ की ओर से रविवार को बाराबंकी के पत्रकारों के लिए मीडिया कार्यशाला ‘वार्तालाप’ का आयोजन लोक-सभागार, कलेक्ट्रेट परिसर में किया गया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य पत्रकारों को फेक न्यूज एवं भ्रामक सूचनाओं की पहचान, तथ्य-जांच (फैक्ट-चेकिंग) और डिजिटल टूल्स के प्रभावी उपयोग के प्रति जागरूक करना रहा।

इसके साथ ही केंद्र सरकार की प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाओं और पिछले 12 वर्षों की उपलब्धियों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

कार्यशाला के मुख्य अतिथि पद्मश्री रामसरन वर्मा ने कृषि और किसानों से जुड़े विषयों पर विचार रखते हुए कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था और ग्रामीण व्यवस्था में किसान की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। कृषि नीति का उद्देश्य केवल उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि किसान की आय, सुरक्षा, सिंचाई सुविधाओं, बाजार तक पहुंच और आधुनिक तकनीक की उपलब्धता को मजबूत करना भी है।

उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN), प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना सहित विभिन्न योजनाओं का उल्लेख करते हुए उनके उद्देश्यों की जानकारी दी।

फेक न्यूज को बताया वायरस

PIB लखनऊ के निदेशक दिलीप कुमार शुक्ल ने फेक न्यूज के बढ़ते प्रभाव पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि फेक न्यूज एक वायरस की तरह है, जो बहुत तेजी से फैलती है और समाज को प्रभावित कर सकती है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता में किसी भी सूचना को प्रकाशित या प्रसारित करने से पहले उसके तथ्यों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करना बेहद जरूरी है।

उन्होंने पत्रकारों से अपील की कि वे सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित होने वाली सूचनाओं को बिना सत्यापन के खबर का हिस्सा न बनाएं।

उन्होंने कहा कि डिजिटल दौर में पत्रकारों के सामने सूचनाओं की बाढ़ है। ऐसे में सही और गलत सूचना में अंतर करना पत्रकारिता की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी बन गई है। तथ्यपरक और विश्वसनीय पत्रकारिता ही समाज में विश्वास कायम रख सकती है।

ग्रामीण पत्रकारों को जागरूक करना जरूरी : जिलाधिकारी

जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह, आईएएस ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में कार्य करने वाले पत्रकारों के बीच फेक न्यूज और भ्रामक सूचनाओं को लेकर जागरूकता बढ़ाने की PIB की पहल सराहनीय है। उन्होंने कहा कि ‘वार्तालाप’ जैसे कार्यक्रम समय-समय पर आयोजित किए जाने चाहिए, जिससे पत्रकारों को बदलते डिजिटल परिदृश्य के अनुरूप नई तकनीकों और आवश्यक कौशल की जानकारी मिल सके।

उन्होंने कहा कि पत्रकार समाज और प्रशासन के बीच महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य करते हैं। इसलिए समाचारों में तथ्यों की शुद्धता और विश्वसनीयता बनाए रखना बेहद आवश्यक है।

वायरल फोटो और वीडियो की सत्यता जांचने के बताए तरीके

लखनऊ विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर मुकुल श्रीवास्तव ने कार्यशाला के दौरान पत्रकारों को फेक न्यूज और डिजिटल कंटेंट की तथ्य-जांच के व्यावहारिक तरीके बताए। उन्होंने वायरल फोटो, वीडियो और सोशल मीडिया पोस्ट की सत्यता जांचने, मूल स्रोत की पुष्टि करने तथा उपलब्ध डिजिटल टूल्स के माध्यम से किसी सूचना की विश्वसनीयता परखने की जानकारी दी।

उन्होंने पत्रकारों को समझाया कि सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली प्रत्येक सामग्री को सही मान लेना उचित नहीं है। किसी भी फोटो या वीडियो के संदर्भ, स्थान, समय और मूल स्रोत की जांच करने के बाद ही उसे समाचार में इस्तेमाल किया जाना चाहिए।

योजनाओं की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने में पत्रकारों की महत्वपूर्ण भूमिका

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने कहा कि पत्रकार केंद्र सरकार की योजनाओं और कार्यक्रमों की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि तथ्यपरक और विश्वसनीय जानकारी के माध्यम से सरकारी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाया जा सकता है। पत्रकारों द्वारा योजनाओं की सही जानकारी लोगों तक पहुंचाने से जागरूकता बढ़ती है और पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ लेने में मदद मिलती है।

स्वास्थ्य योजनाओं को जनता तक पहुंचाने में मीडिया की भूमिका अहम

जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. राजीव कुमार सिंह ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार का लगातार फोकस स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने पर है। स्वास्थ्य संबंधी सरकारी योजनाओं और अभियानों की जानकारी आम जनता तक पहुंचाने में मीडिया की भूमिका महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि पत्रकार अपनी खबरों के माध्यम से लोगों को स्वास्थ्य योजनाओं और सुविधाओं के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ स्वास्थ्य व्यवस्था में रह जाने वाली कमियों को भी सामने लाते हैं। इससे संबंधित व्यवस्थाओं में सुधार की दिशा में प्रभावी कदम उठाने में मदद मिलती है।

पत्रकारों को उपलब्ध कराई गई प्रमाणित जानकारी

कार्यशाला के दौरान पत्रकारों को केंद्र सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, कार्यक्रमों और उपलब्धियों से संबंधित तथ्यात्मक एवं प्रमाणित जानकारी भी उपलब्ध कराई गई। कार्यक्रम में फेक न्यूज की पहचान, सूचना के स्रोतों की जांच, डिजिटल माध्यमों के जिम्मेदार उपयोग और विश्वसनीय पत्रकारिता को लेकर विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई।

कार्यशाला का उद्देश्य पत्रकारों को डिजिटल युग में बदलती पत्रकारिता की आवश्यकताओं के अनुरूप सक्षम बनाना तथा समाज तक सही, प्रमाणित और विश्वसनीय सूचनाएं पहुंचाने के लिए उन्हें आवश्यक जानकारी और तकनीकी कौशल उपलब्ध कराना रहा।

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