धारा लक्ष्य समाचार पत्र
लखीमपुर खीरी जिले की राजनीति में इन दिनों एक ही नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है – अधिवक्ता अभिषेक मिश्रा। सूत्रों के हवाले से मिल रही बड़ी खबर के अनुसार भारतीय जनता पार्टी के अनुषांगिक संगठन भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) के जिला अध्यक्ष पद के लिए अभिषेक मिश्रा ने सबसे मजबूत दावेदारी पेश की है और संगठन के शीर्ष नेतृत्व में भी उनके नाम पर गंभीर मंथन चल रहा है।
लखीमपुर खीरी जैसे बड़े और राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण जिले में युवा मोर्चा का जिला अध्यक्ष बनना केवल पद नहीं, बल्कि युवाओं की नब्ज को समझने, उन्हें संगठन से जोड़ने और भाजपा की विचारधारा को बूथ स्तर तक ले जाने की बड़ी जिम्मेदारी है। इस कसौटी पर अधिवक्ता अभिषेक मिश्रा पूरी तरह खरे उतरते हैं।
क्यों है अभिषेक मिश्रा युवाओं की पहली पसंद?
अधिवक्ता के रूप में सशक्त छवि:* अभिषेक मिश्रा पेशे से अधिवक्ता हैं। न्याय के लिए लड़ना, तर्कपूर्ण ढंग से अपनी बात रखना और गरीब व असहाय लोगों की मदद करना उनकी पहचान है। कोर्ट कचहरी से लेकर समाज के हर वर्ग में उनकी एक ईमानदार और संघर्षशील युवा नेता की छवि बनी है।
संगठन के प्रति समर्पण: अभिषेक मिश्रा लंबे समय से भाजपा और युवा मोर्चा के कार्यक्रमों में सक्रिय रहे हैं। चाहे वह पार्टी के सदस्यता अभियान हो, युवा चौपाल हो, तिरंगा यात्रा हो या मोदी-योगी सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को घर-घर पहुंचाना हो, उन्होंने हमेशा अग्रिम पंक्ति में रहकर काम किया है। उनका समर्पण केवल फोटो खिंचाने तक सीमित नहीं, बल्कि जमीन पर काम करने वाला है।
युवाओं में जबरदस्त लोकप्रियता:* क्षेत्र में जमीनी फीडबैक लिया जाए तो आज युवा वर्ग अभिषेक मिश्रा को अपना रोल मॉडल मानता है। वह शिक्षित हैं, साफ सुथरी छवि के हैं और युवाओं की भाषा समझते हैं। भाजपा के युवा कार्यकर्ताओं में इस खबर से ही खासा उत्साह है कि अगर अभिषेक मिश्रा जैसा पढ़ा-लिखा और ऊर्जावान चेहरा जिला अध्यक्ष बनता है तो युवा मोर्चा को नई गति मिलेगी। सोशल मीडिया से लेकर चाय की चौपालों तक युवा कार्यकर्ता खुलकर कह रहे हैं – “हमें अभिषेक मिश्रा जैसा अध्यक्ष चाहिए
सभी वर्गों में स्वीकार्यता: लखीमपुर खीरी विविधताओं वाला जिला है। यहां सभी जाति, धर्म और वर्ग के लोगों को साथ लेकर चलने वाला नेतृत्व चाहिए। अधिवक्ता अभिषेक मिश्रा की सबसे बड़ी ताकत यही है कि वह किसी एक गुट के नेता नहीं हैं। वह सभी वरिष्ठ भाजपा नेताओं का सम्मान करते हैं और सभी कार्यकर्ताओं को साथ लेकर चलते हैं। उनकी यही सर्वमान्य छवि उन्हें अन्य दावेदारों से अलग करती है।
सूत्र बताते हैं कि जिला संगठन से लेकर प्रदेश नेतृत्व तक ने उनके काम का फीडबैक लिया है और रिपोर्ट बेहद सकारात्मक है। संगठन को ऐसे ही युवा चेहरे की तलाश है जो 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले युवा मोर्चा को बूथ स्तर पर और मजबूत कर सके, युवाओं को रोजगार, शिक्षा और राष्ट्रवाद के मुद्दों पर भाजपा से जोड़ सके।
निश्चित रूप से अगर भाजपा शीर्ष नेतृत्व अधिवक्ता अभिषेक मिश्रा के नाम पर मुहर लगाता है तो यह न केवल लखीमपुर के युवाओं के लिए बल्कि भाजपा युवा मोर्चा के लिए एक ऐतिहासिक और दूरदर्शी निर्णय होगा। इससे संगठन में नई ऊर्जा, नया जोश और युवाओं का नया विश्वास देखने को मिलेगा।
फिलहाल लखीमपुर खीरी की निगाहें भाजपा के फैसले पर टिकी हैं, लेकिन एक बात तय है – युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष की दौड़ में अधिवक्ता अभिषेक मिश्रा सबसे आगे चल रहे हैं।
