सलाखों के पीछे भी कायम रहा भाई-बहन का अटूट रिश्ता, जिला कारागार में भावनाओं से सराबोर रहा रक्षाबंधन पर्व।

रिपोर्टर रोहित मिश्रा

धारा लक्ष्य समाचार पत्र

रायबरेली। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर रायबरेली जिला कारागार में भावनाओं से भरा मार्मिक दृश्य देखने को मिला। सलाखों के पीछे बंद अपने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधने के लिए सुबह से ही बड़ी संख्या में बहनें जिला कारागार पहुंचीं। भाई-बहन के अटूट प्रेम, विश्वास और स्नेह का यह अनोखा संगम पूरे दिन कारागार परिसर में दिखाई देता रहा।

राखी बांधने के दौरान कई बहनों की आंखें नम हो गईं तो वहीं भाइयों के चेहरों पर भी अपनों से मिलने की खुशी साफ झलक रही थी। वर्षों से चली आ रही इस परंपरा ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि परिस्थितियां चाहे कैसी भी हों, भाई-बहन के प्रेम के बंधन को कोई दीवार या सलाखें कमजोर नहीं कर सकतीं।

रक्षाबंधन पर्व को लेकर जिला कारागार प्रशासन ने विशेष तैयारियां की थीं। दूर-दराज से आने वाली बहनों और परिजनों की सुविधा के लिए जलपान, शुद्ध पेयजल, बैठने और छाया की समुचित व्यवस्था की गई थी। भीड़ और गर्मी को देखते हुए चिकित्सा शिविर भी लगाया गया, जहां जरूरतमंद लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।

जेल अधीक्षक प्रभात सिंह और जेलर हिमांशु रौतेला लगातार व्यवस्थाओं की निगरानी करते रहे। उन्होंने परिसर का निरीक्षण कर बहनों और परिजनों का हालचाल जाना तथा किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को आवश्यक निर्देश दिए।पूरा कारागार परिसर भाई-बहन के प्रेम, त्याग और विश्वास की भावनाओं से सराबोर नजर आया।

राखी के इस पावन अवसर पर जहां बहनों ने अपने भाइयों की लंबी उम्र और सुखद भविष्य की कामना की, वहीं भाइयों ने भी बहनों की खुशहाली और सुरक्षा का संकल्प दोहराया। रक्षाबंधन का यह भावुक और प्रेरणादायक नजारा उपस्थित सभी लोगों के दिलों को छू गया।

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