रिपोर्टर रोहित मिश्रा रायबरेली
धारा लक्ष्य समाचार पत्र
रायबरेली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दौरे से पहले जिन नालियों और नालों की सफाई का दावा किया गया था, उनकी हकीकत महज चार दिन बाद ही सामने आ गई। शुक्रवार को सदर तहसील गेट के सामने भारी जलभराव का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद नगर की जल निकासी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
वायरल वीडियो में सड़क तालाब जैसी नजर आ रही है। हालात यह हैं कि राहगीरों को पैदल निकलने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, जबकि कई वाहन पानी में फंसते दिखाई दे रहे हैं जलभराव के कारण यातायात भी प्रभावित होने की स्थिति बन गई है।गौरतलब है कि 24 अगस्त को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का काफिला इसी मार्ग से गुजरा था।
मुख्यमंत्री राणा बेनी माधव सिंह की प्रतिमा के अनावरण कार्यक्रम में शामिल होने रायबरेली पहुंचे थे। उनके आगमन को लेकर प्रशासनिक अमला पूरी तरह सक्रिय था और मार्ग के आसपास नालियों-नालों की विशेष सफाई कराई गई थी। लेकिन कुछ ही दिनों बाद उसी मार्ग पर जलभराव की तस्वीरें सामने आने से व्यवस्थाओं की पोल खुलती नजर आ रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि नालियों की सफाई प्रभावी ढंग से कराई गई होती तो बारिश के बाद सड़क पर इतना पानी जमा नहीं होता। लोगों ने आरोप लगाया कि हर बार बारिश के दौरान यही समस्या सामने आती है, लेकिन जिम्मेदार विभाग स्थायी समाधान के बजाय केवल दिखावटी और औपचारिक कार्रवाई तक सीमित रहते हैं।मुख्यमंत्री के दौरे के समय चमकाई गई।
व्यवस्थाएं अब सवालों के घेरे में हैं। वायरल वीडियो ने नगर पालिका और संबंधित विभागों के दावों की वास्तविकता उजागर कर दी है। फिलहाल इस मामले में किसी जिम्मेदार अधिकारी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। अब लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान कब तक हो पाता है।
