नजूल पर शिकंजा: चार करोड़ की जमीन खाली, अब कपूर कैफे की बारी?

हटौरा में 40 हजार वर्गफीट जमीन कब्जामुक्त, छह भूखंडों पर कैफे संचालक से 15 दिन में मांगा जवाब

धारा लक्ष्य समाचार पत्र

जिला संवाददाता शफीक अहमद

सीतापुर। जिले में नजूल संपत्तियों को लेकर प्रशासन का अभियान अब तेजी पकड़ता दिखाई दे रहा है। मंगलवार को खैराबाद के हटौरा में करीब 40 हजार वर्गफीट नजूल भूमि, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत करीब चार करोड़ रुपये बताई गई है, को अवैध कब्जे से मुक्त कराया गया। इसी दिन सीतापुर शहर के सिविल लाइंस स्थित चर्चित कपूर कैफे को छह नजूल भूखंडों के संबंध में नोटिस जारी कर 15 दिन में साक्ष्यों सहित जवाब मांगा गया।

खैराबाद के वार्ड-06 स्थित भूखंड संख्या 1007, 1008, 1009, 1010, 1011 और 1017 पर टिन शेड और अस्थायी बाउंड्री बनाकर कब्जा किए जाने की बात नगर पालिका ने कही। संबंधित कब्जेदार को अपना पक्ष और वैध अभिलेख प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया था। निर्धारित अवधि में दस्तावेज न मिलने के बाद राजस्व, नगर पालिका और पुलिस की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर अतिक्रमण हटाया।

उधर कपूर कैफे संचालक आनंद प्रकाश कपूर को जारी नोटिस में भूखंड संख्या 1370, 1371, 1372, 1373, 1374 और 1375 के अंशभाग पर कैफे संचालन के अधिकार का आधार पूछा गया है। पालिका के मुताबिक उपलब्ध अभिलेखों में पट्टेदार का नाम और लगान का अंकन नहीं है। कुछ हिस्सों का पुराना उपयोग पुलिस, कोतवाली और बावर्ची खाना के रूप में दर्ज होने का भी उल्लेख किया गया है।

नोटिस में किरायेदारी वाद संख्या 193/1992 और 450/2001 का हवाला देते हुए यह सवाल भी उठाया गया है कि नजूल भूमि होने की स्थिति में इसे किराये पर देने का अधिकार किसके पास था और किस प्रक्रिया के तहत दिया गया।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है—नजूल जमीनों का वर्षों तक इस्तेमाल होता रहा तो जिम्मेदारी किसकी? फिलहाल कपूर कैफे संचालक के जवाब और दस्तावेजों पर निगाहें हैं। 15 दिन बाद तय होगा कि मामला नोटिस तक रहता है या शहर में नजूल भूमि को लेकर अगली बड़ी कार्रवाई होती है।

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