खबर का असर: आखिरकार एक सप्ताह बाद जागा प्रशासन शहर के बीचों बीच बाढ़ का कहर

खबर का असर: आखिरकार एक सप्ताह बाद जागा प्रशासन

शहर के बीचोंबीच बाढ़ का कहर, घर छोड़ने को मजबूर हुए लोग; छतों पर सामान, पन्नी के नीचे बचा रहे गृहस्थी

धारा लक्ष्य समाचार

जिला संवाददाता शफीक अहमद

सीतापुर। सरायन नदी के बढ़ते जलस्तर से शहर के बीचोंबीच नदी किनारे की बस्तियों में मचे हाहाकार को लेकर लगी खबर का आखिरकार असर हुआ। करीब एक सप्ताह से बाढ़ और जलभराव की मार झेल रहे लोगों की सुध लेने के लिए गुरुवार को अधिकारी प्रभावित इलाकों में पहुंचे। एडीएम न्यायिक खालिद अंजुम और एसडीएम सदर डॉ. जनार्दन कुमार ने तरीनपुर, अंसारी टोला और कैंची पुल के आसपास पहुंचकर जमीनी हकीकत देखी।

हालात इतने बिगड़े कि लोगों को अपने आशियाने छोड़ने पड़े। सरायन का पानी बढ़ने के साथ कई घरों में रहना मुश्किल हो गया। परिवारों ने जरूरी सामान छतों पर चढ़ाकर पन्नी से ढका और बच्चों व परिजनों के साथ सुरक्षित स्थानों की ओर निकल गए। करीब आठ घरों के परिवारों को प्रशासन ने शेल्टर होम में शिफ्ट कराया है। बाढ़ के बीच लोगों की आंखों के सामने उनकी गृहस्थी छतों पर सिमट गई है।

एक सप्ताह से जलभराव और बढ़ते पानी के बीच स्थानीय लोग प्रशासन से राहत और बचाव की गुहार लगा रहे थे। लोगों का आरोप है कि समय रहते मौके पर प्रभावी कार्रवाई होती तो हालात इतने विकट नहीं होते। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने राजस्व टीम, लेखपाल और कानूनगो को क्षेत्र में लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए। कजियारा स्थित शेल्टर होम में प्रभावित परिवारों के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं।

लगी खबर के बाद प्रशासनिक अमले के मौके पर पहुंचने से अब प्रभावित लोगों को राहत की उम्मीद बंधी है। स्थानीय लोगों ने टूटी पुलिया की मरम्मत, जलनिकासी और बाढ़ से स्थायी बचाव की मांग उठाई है। अधिकारियों ने जलस्तर कम होने के बाद पुलिया की मरम्मत कराने की बात कही है। फिलहाल सरायन के बढ़ते जलस्तर के बीच प्रशासन को संवेदनशील इलाकों पर लगातार नजर रखने की जरूरत है।

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