गुरबक्शगंज पुलिस पर मामले को दबाने और समझौते का दबाव बनाने के आरोप, गंभीर हालत में घायल पिता का इलाज भी ठप।
रिपोर्टर रोहित मिश्रा रायबरेली
धारा लक्ष्य समाचार पत्र
रायबरेली।गुरबक्शगंज थाना क्षेत्र में सड़क दुर्घटना के एक मामले में डेढ़ माह बीत जाने के बाद भी मुकदमा दर्ज न होने का मामला सामने आया है। पीड़ित ने थाना पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित का कहना है कि दुर्घटना की तहरीर देने के बावजूद अब तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई, जिससे उसे लगातार दर-दर भटकना पड़ रहा है।जानकारी के अनुसार, बीते 11 जुलाई 2026 को हुई सड़क दुर्घटना में पीड़ित शिवम के पिता गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
घटना के बाद परिजनों ने गुरबक्शगंज थाने में लिखित तहरीर देकर मुकदमा दर्ज करने की मांग की थी, लेकिन आरोप है कि पुलिस ने आज तक मामले में कोई कार्रवाई नहीं की।पीड़ित शिवम का कहना है कि पिता की हालत गंभीर होने के कारण वह लंबे समय तक लखनऊ में उनका इलाज कराता रहा। जब वह 10 सितंबर 2026 को थाने पहुंचा और एफआईआर की प्रति मांगी, तो वहां मौजूद एसएसआई संजय सिंह ने उससे दोबारा प्रार्थना पत्र देने को कहा और अगले दिन एफआईआर की कॉपी देने का आश्वासन दिया।
आरोप है कि अगले दिन सुबह से शाम तक थाने में बैठाए रखने के बाद उसे यह कहकर वापस भेज दिया गया कि दुर्घटना करने वाला व्यक्ति जल्द ही उससे संपर्क करेगा।पीड़ित ने आरोप लगाया कि जिस वाहन से दुर्घटना हुई थी, उसमें स्कूली बच्चे सवार थे और वाहन एक स्कूल से संबंधित बताया जा रहा है। सूत्रों की मानें तो मामले को दबाने के लिए पुलिस और आरोपी पक्ष के बीच सांठगांठ की चर्चा क्षेत्र में जोरों पर है।
आरोप है कि पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने के बजाय समझौते का दबाव बनाया, लेकिन पीड़ित के इनकार करने पर उसे थाने से वापस लौटा दिया गया।
परिजनों के अनुसार, घायल पिता की हालत अब भी नाजुक बनी हुई है। आर्थिक तंगी के चलते उनका इलाज प्रभावित हो गया है और मजबूरी में उन्हें घर वापस लाना पड़ा। ऐसे में परिवार न्याय और कार्रवाई की मांग को लेकर अधिकारियों के दरवाजे खटखटा रहा है।
इस पूरे मामले ने गुरबक्शगंज पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह होगा कि उच्चाधिकारी मामले का संज्ञान लेकर पीड़ित को न्याय दिलाने के लिए क्या कदम उठाते हैं।
