101 लीटर गंगाजल की महाकांवड़ लेकर निकले शिवभक्त, कजरी तीज पर दानेश्वर धाम में होगा महा-जलाभिषेक

17वीं कांवड़ पदयात्रा में दिखी अनूठी श्रद्धा, 7-8 शिवभक्त मिलकर उठा रहे हैं 101 लीटर जल की महाकांवड़।

रिपोर्टर रोहित मिश्रा रायबरेली

धारा लक्ष्य समाचार पत्र

महराजगंज, रायबरेली। कजरी तीज के पावन अवसर पर क्षेत्र में शिवभक्ति का अद्भुत उत्साह देखने को मिल रहा है। प्राचीन दानेश्वर धाम मंदिर से निकली 17वीं कांवड़ पदयात्रा इस बार अपनी अनोखी और विशाल 101 लीटर गंगाजल वाली महाकांवड़ को लेकर चर्चा का केंद्र बनी हुई है। शिवभक्तों का यह जत्था डलमऊ गंगा घाट से पवित्र गंगाजल लेकर पैदल यात्रा करते हुए दानेश्वर धाम की ओर बढ़ रहा है, जहां भगवान शिव का भव्य महा-जलाभिषेक किया जाएगा।

महाकाल कांवड़ संघ के तत्वावधान में 12 सितंबर 2026 को महराजगंज के रुद्र नगर स्थित प्राचीन दानेश्वर धाम मंदिर से कांवड़ यात्रा का शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर क्षेत्र के समाजसेवी एवं चेयरमैन प्रतिनिधि प्रभात साहू ने श्रद्धालुओं को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कांवड़ियों का दल पैदल चलते हुए डलमऊ गंगा घाट पहुंचा, जहां सभी श्रद्धालुओं ने मां गंगा में आस्था की डुबकी लगाई।

और विधि-विधान से गंगाजल भरकर वापस यात्रा प्रारंभ की।इस यात्रा का सबसे बड़ा आकर्षण 101 लीटर गंगाजल से भरी विशाल महाकांवड़ है। सामान्यतः कांवड़िए छोटे कलशों में जल लेकर यात्रा करते हैं, लेकिन महाकाल कांवड़ संघ के शिवभक्तों ने इस बार विशेष महाकांवड़ तैयार कर श्रद्धा और भक्ति का अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया है। भारी वजन होने के कारण इस महाकांवड़ को उठाने के लिए 7 से 8 शिवभक्तों की टोली लगातार तालमेल के साथ यात्रा कर रही है।

पूरे मार्ग में “बम-बम भोले” और “हर-हर महादेव” के जयघोष से वातावरण भक्तिमय बना हुआ है। जगह-जगह स्थानीय ग्रामीणों, सामाजिक संगठनों और शिवभक्तों द्वारा कांवड़ियों का पुष्पवर्षा कर स्वागत किया जा रहा है। साथ ही उनके लिए जलपान, विश्राम और प्राथमिक उपचार की भी व्यवस्था की गई है।

कांवड़ यात्रा में शामिल शिवभक्त पिंटू, लव मदनवाल, आकाश कुमार, सचिन, अरविंद लोधी, रोहित लोधी, शिवम यादव, अमन तथा कुश मदनवाल ने बताया कि कजरी तीज के अवसर पर दानेश्वर धाम पहुंचकर 101 लीटर पवित्र गंगाजल से भगवान भोलेनाथ का महा-जलाभिषेक किया जाएगा। श्रद्धालुओं का कहना है कि यह यात्रा केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं बल्कि सामाजिक एकता, सहयोग और सनातन संस्कृति के प्रति समर्पण का भी संदेश देती है।

दानेश्वर धाम की ओर बढ़ रही यह महाकांवड़ यात्रा क्षेत्रवासियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है और शिवभक्ति की अलख जगा रही है।

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