मासूमियत का नाटक कर युवक ले गया नकदी, शिकायत के बाद खाते पर लगी रोक; संचालक ने बैंक से लगाई न्याय की गुहार।

रिपोर्टर रोहित मिश्रा रायबरेली

धारा लक्ष्य समाचार पत्र

बछरावां (रायबरेली)। साइबर ठगी के नए-नए तरीके सामने आ रहे हैं। ताजा मामला बछरावां कस्बे के रायबरेली रोड स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा ग्राहक सेवा केंद्र से जुड़ा है, जहां जन सेवा केंद्र संचालक आशीष कुमार साइबर जालसाजों की चालाकी का शिकार हो गए। ठगी की इस घटना में उनके खाते में आए 23 हजार रुपये के लेनदेन को लेकर शिकायत दर्ज होने के बाद खाते पर रोक लगा दी गई है।

पीड़ित संचालक आशीष कुमार ने बताया कि बीते शनिवार शाम करीब चार बजे एक 17 वर्षीय युवक उनकी दुकान पर पहुंचा। युवक ने खुद को स्कूल का छात्र बताते हुए कहा कि उसे अपनी फीस जमा करनी है और वह अपने पिता से उनके क्यूआर स्कैनर पर पैसे मंगवाना चाहता है। युवक की बातों और मासूम व्यवहार पर विश्वास करते हुए संचालक ने अनुमति दे दी।बताया जाता है कि युवक ने स्कैनर की फोटो खींचकर किसी व्यक्ति को भेजी, जिसके कुछ देर बाद संचालक के खाते में करीब 23 हजार रुपये प्राप्त हो गए।

हालांकि जिस नाम से धनराशि आई, उसे देखकर संचालक को संदेह हुआ। पूछताछ करने पर युवक ने बताया कि उसके पिता के खाते में पर्याप्त धनराशि नहीं थी, इसलिए किसी परिचित के खाते से रकम भेजी गई है।खाते में रकम आने की पुष्टि होने पर संचालक ने युवक को 23 हजार रुपये नकद दे दिए। लेकिन दो दिन बाद जब उन्होंने अपने खाते से धनराशि ट्रांसफर करने का प्रयास किया तो लेनदेन नहीं हो सका।

बैंक पहुंचकर जानकारी लेने पर पता चला कि मो. घोउसे पाशा नामक व्यक्ति द्वारा उक्त 23 हजार रुपये के लेनदेन को लेकर साइबर शिकायत दर्ज कराई गई है, जिसके चलते खाते पर रोक लगा दी गई है।घटना के बाद संचालक ने संबंधित बैंक शाखा में लिखित शिकायत देकर पूरे मामले की जांच की मांग की है। बैंक प्रशासन अपने स्तर से मामले की पड़ताल कर रहा है। वहीं क्षेत्र में इस घटना की चर्चा जोरों पर है और लोग इसे साइबर ठगों द्वारा अपनाया गया नया तरीका मान रहे हैं।

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