24 घंटे में मिलेगा बाढ़ पीड़ित किसानों को मुआवजा, योजनाओं का लाभ हर पात्र तक पहुंचाने के निर्देश।

कृषक समृद्धि आयोग के सदस्य कुलजीत सिंह ने की समीक्षा बैठक, कृषि योजनाओं की प्रगति पर जताया संतोष।

रिपोर्टर रोहित मिश्रा रायबरेली

धारा लक्ष्य समाचार पत्र

रायबरेली। प्रदेश सरकार किसानों की समस्याओं के त्वरित समाधान और कृषि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। इसी क्रम में मंगलवार को उत्तर प्रदेश कृषक समृद्धि आयोग के सदस्य एवं दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री कुलजीत सिंह ने रायबरेली के विकास भवन सभागार में कृषि एवं कृषि से जुड़े विभागों के अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक कर योजनाओं की जमीनी हकीकत परखते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

बैठक में कृषि योजनाओं की प्रगति, किसानों को मिलने वाली सुविधाओं, खाद-बीज की उपलब्धता, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति, पंजीकृत खाद दुकानों की कार्यप्रणाली तथा वृहद एवं कान्हा गौशालाओं की व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की गई। समीक्षा के बाद आयोजित प्रेसवार्ता में कुलजीत सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में गठित कृषक समृद्धि आयोग का उद्देश्य किसानों को सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाना है।

आयोग प्रदेश के विभिन्न जिलों का दौरा कर यह सुनिश्चित कर रहा है कि सरकार की योजनाओं का लाभ वास्तव में पात्र किसानों तक पहुंच रहा है या नहीं।

उन्होंने बताया कि रायबरेली में कृषि एवं संबंधित विभागों द्वारा संचालित कई योजनाओं का क्रियान्वयन संतोषजनक पाया गया है। कुछ योजनाओं में जनपद ने प्रदेश स्तर पर प्रथम स्थान हासिल किया है, जो अधिकारियों की कार्यकुशलता और बेहतर मॉनिटरिंग का प्रमाण है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजनाओं के लाभार्थियों की संख्या बढ़ाई जाए और कोई भी पात्र किसान सरकारी सहायता से वंचित न रहे।

बाढ़ प्रभावित किसानों को लेकर उन्होंने महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि प्रभावित क्षेत्रों का सर्वेक्षण और क्षति का आकलन तेजी से कराया जा रहा है। रिपोर्ट प्राप्त होने के 24 घंटे के भीतर पात्र किसानों को मुआवजा उपलब्ध कराने की कार्ययोजना तैयार की गई है, जिससे आपदा की घड़ी में किसानों को तत्काल राहत मिल सके।कुलजीत सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में खाद, बीज और अन्य कृषि संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। साथ ही पंजीकृत उर्वरक दुकानों पर निर्धारित दरों पर खाद उपलब्ध कराने और कालाबाजारी पर सख्त नजर रखने के निर्देश भी दिए।

बैठक के दौरान गौशालाओं की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्थित गौशालाओं में जलभराव, पशुओं के चारे, पेयजल और स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं की जानकारी लेते हुए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

बैठक में उप निदेशक कृषि हिमांशु पाण्डेय, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. कुलदीप द्विवेदी, जिला कृषि अधिकारी अखिलेश पाण्डेय, जिला भूमि संरक्षण अधिकारी जे.पी. यादव समेत कृषि एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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