कड़ी धूप और शारीरिक दक्षता परीक्षण के दौरान बिगड़ी तबीयत, जिला अस्पताल में भर्ती; सभी की हालत स्थिर।
रिपोर्टर रोहित मिश्रा रायबरेली
धारा लक्ष्य समाचार पत्र
रायबरेली। जिले में चल रही होमगार्ड भर्ती प्रक्रिया के दौरान मंगलवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब शारीरिक दक्षता परीक्षा (दौड़) में शामिल होने आए प्रतापगढ़ जिले के कई अभ्यर्थियों की अचानक तबीयत बिगड़ गई। कड़ी धूप और कठिन शारीरिक परीक्षण के बीच दौड़ लगा रहे युवाओं को चक्कर आने लगे और कई अभ्यर्थी मैदान में ही गिर पड़े।
घटना की जानकारी मिलते ही भर्ती स्थल पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों, होमगार्ड विभाग के कर्मियों और मेडिकल टीम ने तत्काल मोर्चा संभाला। बीमार पड़े अभ्यर्थियों को प्राथमिक उपचार देने के बाद एंबुलेंस के जरिए जिला अस्पताल भेजा गया, जहां उन्हें आपातकालीन वार्ड में भर्ती कर उपचार शुरू किया गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दौड़ के दौरान तेज गर्मी और लगातार शारीरिक दबाव के कारण कुछ अभ्यर्थियों की सांस फूलने लगी, जबकि कई युवाओं को चक्कर और कमजोरी की शिकायत हुई। देखते ही देखते भर्ती मैदान पर मौजूद अन्य अभ्यर्थियों और अधिकारियों में चिंता का माहौल बन गया।जिला अस्पताल में भर्ती कराए गए।
अभ्यर्थियों में आदित्य मिश्रा, अश्वनी विश्वकर्मा, प्रियांश शर्मा पुत्र राजेश कुमार निवासी भूपतपुर थाना देल्हूपुर, संजय साहू पुत्र राम साहू निवासी टूंडुरा थाना कोतवाली देहात, राहुल कोरी पुत्र ब्रजमोहन कोरी निवासी देवसरा थाना रेहुआलालगंज, आशीष सरोज पुत्र रामकरण सरोज निवासी खेमसरी थाना लालगंज अयारा, मोहम्मद सलाम खान पुत्र असलम खान निवासी तिलयादी थाना लीलापुर, विष्णु मौर्य पुत्र दयाशंकर मौर्य निवासी बिनेका थाना आसपुर, शिव प्रताप पटेल पुत्र रमाशंकर पटेल निवासी पहारी थाना मानधाता तथा अभय सिंह यादव पुत्र राजेश कुमार यादव निवासी होशियारपुर थाना पट्टी, जनपद प्रतापगढ़ शामिल हैं।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार सभी अभ्यर्थियों को तत्काल ड्रिप चढ़ाकर आवश्यक दवाएं दी गईं। चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार जारी है। डॉक्टरों ने बताया कि सभी युवाओं की हालत फिलहाल स्थिर है और किसी भी अभ्यर्थी को गंभीर खतरा नहीं है।
भर्ती प्रक्रिया के दौरान हुई इस घटना ने अभ्यर्थियों और उनके परिजनों की चिंता बढ़ा दी। वहीं प्रशासन ने कहा है कि भर्ती स्थल पर चिकित्सा सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्थाओं को और मजबूत किया गया है, ताकि भविष्य में ऐसी परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।
