राशन न मिलने से फूटा ग्रामीणों का आक्रोश, दर्जनों ग्रामीणों ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन।

कैर गांव में राशन संकट गहराया, ग्रामीण बोले— गरीबों के घरों में चूल्हा जलाना हुआ मुश्किल।

रिपोर्टर रोहित मिश्रा रायबरेली

धारा लक्ष्य समाचार पत्र

महराजगंज, रायबरेली। विकास खंड एवं तहसील महराजगंज क्षेत्र के ग्राम कैर (वासीगढ़ मजरा) में राशन वितरण न होने से ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। परेशान ग्रामीणों ने सोमवार को उप जिलाधिकारी महराजगंज को ज्ञापन सौंपकर न्याय की गुहार लगाई। ग्रामीणों का आरोप है कि इस माह कैर गांव के अधिकांश पात्र लाभार्थियों को निर्धारित समय पर सरकारी राशन नहीं मिला, जिससे गरीब परिवारों के सामने खाद्यान्न संकट खड़ा हो गया है।

ग्रामीणों ने बताया कि सामान्यतः प्रत्येक माह की 10 तारीख तक राशन का वितरण कर दिया जाता है, लेकिन इस बार ग्राम कैर में बड़ी संख्या में कार्डधारकों को राशन नहीं दिया गया। आरोप है कि कोटेदार द्वारा कुछ चुनिंदा लोगों को ही राशन वितरित किया गया, जबकि दर्जनों पात्र लाभार्थी वंचित रह गए। इससे गरीब, मजदूर और असहाय परिवारों के सामने परिवार का भरण-पोषण करना कठिन हो गया है।

ज्ञापन में कहा गया है कि कई घरों में खाद्यान्न का भंडार लगभग समाप्त हो चुका है। बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों के सामने भोजन का संकट उत्पन्न हो गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि कैर गांव में राशन वितरण की निष्पक्ष जांच कराते हुए तत्काल सभी पात्र लाभार्थियों को खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाए।


उप जिलाधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन में अखिलेश, राजेश्वरी, नीलम, कुसुम, देवकल, रामकली, सुरेश कुमार, प्रेम कुमारी, पुष्पा, कन्हैया, राजकली, प्रेमचंद, श्याम कुमारी, रामदेव, सुधीर कुमार, करण, देवानंद, राजेश सहित दर्जनों ग्रामीणों के हस्ताक्षर मौजूद हैं। ग्रामीणों ने मांग की कि ग्राम कैर के कोटेदार को तत्काल राशन वितरण के निर्देश दिए जाएं, जिससे गरीब परिवारों को राहत मिल सके।

वहीं उप जिलाधिकारी ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि मामले की जांच कराकर दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाएगी तथा पात्र लाभार्थियों को उनका हक दिलाया जाएगा।
*गरीबों की पुकार— “साहब, राशन दिलाइए, परिवार पालना हो रहा मुश्किल”*
राशन वितरण में कथित अनियमितता को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। उनका कहना है कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समय पर न मिलने से गरीब परिवारों की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे उच्च अधिकारियों के समक्ष भी अपनी शिकायत दर्ज कराएंगे।

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