रायबरेली की पुलिसिंग पर सवालिया निशान, फरियादियों की सुनवाई पर उठे सवाल।

थानों में शिकायतों की अनदेखी और दलालों के दखल के आरोप, उड़वा कांड की जांच हरदोई पुलिस को सौंपे जाने से भी चर्चा तेज।

धारा लक्ष्य समाचार पत्र

रिपोर्टर रोहित मिश्रा रायबरेली

रायबरेली। तत्कालीन पुलिस अधीक्षक डॉ. यशबीर सिंह के तबादले और रवि कुमार की तैनाती के बाद जिले की कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। थानों में फरियादियों की सुनवाई न होने के आरोपों के बीच पुलिस अधीक्षक कार्यालय और जिलाधिकारी के जनता दर्शन में पहुंच रही शिकायतें पुलिसिंग व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही हैं।आरोप है कि कई थानों में पीड़ितों को न्याय पाने के लिए बार-बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।

वहीं, कुछ मामलों में दलालों के हस्तक्षेप और कथित लेनदेन के आधार पर कार्रवाई किए जाने की शिकायतें भी सामने आने की बात कही जा रही है। मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायतों के निस्तारण की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।

अधिकारियों के बीच समन्वय पर भी सवाल जिले की पुलिस व्यवस्था में अधिकारियों और अधीनस्थ कर्मचारियों के बीच समन्वय को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। यदि थानों में शिकायतों का निष्पक्ष निस्तारण नहीं हो रहा है, तो इसका सीधा असर आम जनता के पुलिस पर भरोसे पर पड़ता है। ऐसे में शिकायतों की निष्पक्ष समीक्षा और जवाबदेही तय करना जरूरी है।

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