नैमिषारण्य, औरंगाबाद व दहेलरा में औचक निरीक्षण, पारदर्शिता और समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश
मतदाता सूची में पात्र नागरिकों के नाम जोड़ने और निबंधन में पारदर्शिता बरतने पर जोर, लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की चेतावनी
धारा लक्ष्य समाचार
जिला संवाददाता शफीक अहमद
सीतापुर। जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर. ने मिश्रिख तहसील क्षेत्र के नैमिषारण्य और दहेलरा में पंजीकृत विलेखों से संबंधित भूखंडों का स्थलीय निरीक्षण किया। इसके साथ ही नैमिष स्थित लाला राम नारायण सहगल इंटर कॉलेज तथा विकासखंड गोंदलामऊ के कंपोजिट विद्यालय औरंगाबाद प्रथम में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत संचालित कैंपों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
विलेखों के सत्यापन के दौरान जिलाधिकारी ने ग्राम नैमिषारण्य (बाहर), परगना औरंगाबाद की विलेख संख्या 7328 तथा ग्राम दहेलरा, परगना औरंगाबाद की विलेख संख्या 7169 से संबंधित भूखंडों की मौके पर जांच की। उन्होंने अभिलेखों में दर्ज भूमि के प्रकार, रकबे और चौहद्दी का वास्तविक स्थिति से मिलान किया। इस दौरान सहायक महानिरीक्षक निबंधन (एआईजी) और उपनिबंधक मिश्रिख भी मौजूद रहे।
जिलाधिकारी ने निबंधन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि विलेखों के पंजीकरण में स्टांप शुल्क और मूल्यांकन संबंधी नियमों का पारदर्शिता के साथ पालन सुनिश्चित किया जाए। संदिग्ध अथवा नियमविरुद्ध पंजीकरण पर निगरानी रखने के साथ समय-समय पर औचक निरीक्षण कराए जाएं, ताकि शासन के राजस्व को नुकसान न पहुंचे और निबंधन प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे।
एसआईआर कैंपों के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने प्राप्त एवं भरे जा रहे प्रपत्रों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि मतदाता सूची में छूटे पात्र नागरिकों को शामिल कराने के लिए घर-घर सर्वे कर फॉर्म-6 भरवाए जाएं। विशेष रूप से 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके युवाओं का पंजीकरण सुनिश्चित करने और लोगों को मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने की प्रक्रिया के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया।
जिलाधिकारी ने बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) को कैंपों और क्षेत्रीय सर्वेक्षण से जुटाए गए आंकड़ों की फीडिंग शाम तक अनिवार्य रूप से पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्वाचन संबंधी कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जिम्मेदारी में कमी पाए जाने पर नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी। साथ ही संबंधित अधिकारियों को एसआईआर अभियान की नियमित समीक्षा कर सभी कार्य निर्धारित समयसीमा में पूरे कराने को कहा।
