लार्सन एंड टुब्रो और बीएई सिस्टम्स ने सूरत में 18 बीवीएस10 सिंधु ऑल-टेरेन वाहनों का उत्पादन शुरू किया. ये लद्दाख की ठंड और कच्छ की गर्मी सहते हैं. बॉर्डर वाले इलाकों में सेना की तैयारियां मजबूत होंगी.
भारत ने अपनी सेना के लिए खास ऑल-टेरेन वाहनों के घरेलू उत्पादन की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाया है. लार्सन एंड टुब्रो (L&T) और ब्रिटिश कंपनी बीएई सिस्टम्स ने 28 अक्टूबर को सूरत स्थित एलएंडटी के आर्मर्ड सिस्टम्स कॉम्प्लेक्स में 18 बीवीएस10 सिंधु आर्टिकुलेटेड ऑल-टेरेन वाहनों का उत्पादन शुरू कर दिया.
ये वाहन बर्फ, कीचड़ और पानी जैसे कठिन इलाकों में आसानी से चल सकते हैं. इनकी खासियत यह है कि ये लद्दाख जैसे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में 18,000 फीट तक और माइनस 55 डिग्री सेल्सियस की ठंड में काम कर सकते हैं. वहीं कच्छ के दलदली और रेतीले इलाकों में 55 डिग्री सेल्सियस की गर्मी भी झेल सकते हैं.
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