नवांगतुक थाना फतेहपुर प्रभारी नरेंद्र भड़ाना का पत्रकारों के साथ अभद्र व्यवहार
धारा लक्ष्य समाचार
छुटमलपुर।
डी.जी.पी के आदेशों का थाना फतेहपुर में किया जा रहा खुला उलंघन
पत्रकारों से किनारा कर दलालो को दी जा रही प्राथमिकता।
नवांगतुक थाना फतेहपुर प्रभारी नरेंद्र भड़ाना के आते ही थाने में दलालो का लगना शुरू हुआ जमावड़ा
यु तो लखनऊ से डी.जी.पी राजीव कृष्ण के दुवारा आदेश जारी किए गए की उत्तरप्रदेश में पत्रकारों के सम्मान , सुरक्षा और पुलिस मीडिया के बीच बेहतर तालमेल को लेकर पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने पुलिस महकमे को बड़ा संदेश दिया. डी जी पी ने प्रदेश के पुलिस अधिकारियो को स्पष्ट निर्देश दिए हैं की पत्रकारों के साथ किसी भी स्तर पर अभद्रता, अनावश्यक उत्पीड़न, और मनमानी बरदास नहीं की जाएगी।
वही थाना फतेहपुर में जैसे ही कुछ पत्रकार पहुँचे और नवांगतुक थाना प्रभारी नरेंद्र भड़ाना को अपना परिचय देते हुए पत्रकार होने की जानकारी दी।तो थाना प्रभारी उठकर चलते बने और वही जब थाना प्रांगण में पहुँचे पत्रकारों को अपना अपमान महसूस हुआ तो पत्रकार भी वहाँ से उठकर चल दिए। क्या नवांगतुक थाना प्रभारी के लिए सिर्फ थाने पर मिलने आए दलालो के लिए समय हैं शायद पत्रकार उनके लिए कोई मायने नहीं रखते
क्या यही डी.जी.पी के आदेश का पालन थाना फतेहपुर में किया जा रहा हैं जबकी डी.जी.पी ने स्पष्ट शब्दो में कहाँ हैं की पत्रकार जनता की आवाज को शासन प्रशासन तक पहुंचाने का माध्यम हैं ऐसे में उनके साथ सम्मान जनक व्यवहार किया जाना चाहिए। किसी भी पत्रकार को अनावश्यक रूप से अगर परेशान किया जाता हैं या अपमानित किया जाता हैं तो किसी भी सूरत मे बरदास नहीं किया जाएगा पत्रकारों की समस्याओं और शिकायतों का प्राथमिकता के साथ निस्तारण होना चाहिए लेकिन लगता हैं
शायद नवांगतुक थाना प्रभारी फतेहपुर नरेंद्र भड़ाना डी.जी.पी से भी बड़े हो गए हैं जो पत्रकारों की आवाज सुनना तो दूर पत्रकारों का नाम सुनते ही कुर्सी छोड़ कर चलते बने क्या डी.जी.पी साहब लेंगे इनपर कोई संज्ञान या ऐसे ही चलता रहेगा इनका रवैया ये तो आने वाला वक्त ही बताएगा
