लेखक द्वारा ऐसे लिखी गई कविता नकारात्मक प्रचार

धारा लक्ष्य समाचार

नकारात्मक खबरें फैलाने से लोगों
की जाने भी कोविड से जा रहीं थी,
स्थिति सामान्य न थी तो भी मृत्युदर
एक से डेढ़ प्रतिशत के ऊपर न थी।

मतलब यह कि जिन्हें पहले से कोई
गंभीर बीमारी नही थी और जिन्होंने
बहुत बाद में टेस्ट कराया, कोरोना से
उनकी स्थिति भी खराब हो रही थी।

पर सोशल मीडिया में लगातार मरने
वालों की फोटो, श्मशान की फ़ोटो,
मरने वालों की संख्या, अस्पतालों में
जगह ना होने की बातें आ रही थीं।

सरकार शासन पर आरोप प्रत्यारोप
उन मरीजों को दहशत में ला रहे थे,
जो अपने घरों में कमरों में अकेले
मोबाइल के सहारे इससे लड़ रहे थे।

एक नकारात्मक खबर मरीजों का
ब्लड प्रेशर लगातार बढ़ा रही थी,
दहशत में सामान्य होते हुए भी
स्थिति गंभीर समझ बिगड़ रही थी।

सोशल मीडिया में बहुत ताकत है,
हम आप चाहें तो पुण्य कमा सकते हैं,
ऐसे अनेक मरीजों की जान बचाकर,
नकारात्मक समाचार नहीं चलाकर।

आदित्य सबको सहमत होना चाहिए
सकारात्मक खबर को ही फैलाइये,
इस मत को और आगे बढ़ाते जाइए,
शीघ्र सकारात्मक परिणाम पाइये।

डा० कर्नल आदि शंकर मिश्र, ‘आदित्य’, ‘विद्यावाचस्पति’
लखनऊ

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