एग्रीकल्चर प्रीमियर लीग (APL) सीज़न–07 का भव्य एवं गरिमामय शुभारंभ।
काशी हिंदू विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ एग्रीकल्चरल साइंसेज़, बीएचयू में आयोजित एग्रीकल्चर प्रीमियर लीग (APL) सीज़न–07 का भव्य उद्घाटन 4 फरवरी 2026 को सायं 5 बजे विश्वविद्यालय के कृषि मैदान में अत्यंत गरिमामय, उत्साहपूर्ण एवं खेल भावना से ओत-प्रोत वातावरण में संपन्न हुआ, जिसमें विश्वविद्यालय प्रशासन, शिक्षकगण, विद्यार्थी, शोधार्थी, पूर्व छात्र तथा बड़ी संख्या में खेल प्रेमी उपस्थित रहे। इस प्रतिष्ठित खेल आयोजन का शुभारंभ काशी हिंदू विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी द्वारा किया गया, जिन्होंने मुख्य अतिथि के रूप में अपनी उपस्थिति से कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई, वहीं कार्यक्रम की गेस्ट ऑफ ऑनर के रूप में श्रीमती नीलू मिश्रा की गरिमामयी उपस्थिति ने समारोह को विशेष सम्मान प्रदान किया, जबकि इंस्टीट्यूट ऑफ एग्रीकल्चरल साइंसेज़, बीएचयू की निदेशक महोदया ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए माननीय कुलपति प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि खेल केवल शारीरिक क्षमता का प्रदर्शन नहीं हैं, बल्कि वे छात्रों के चरित्र निर्माण, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, समय प्रबंधन और सामूहिक उत्तरदायित्व की भावना को विकसित करने का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक युग में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए शैक्षणिक उत्कृष्टता के साथ-साथ खेलों में सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है और एग्रीकल्चर प्रीमियर लीग जैसे आयोजन इस दिशा में एक अनुकरणीय प्रयास हैं, जो छात्रों को तनावमुक्त वातावरण प्रदान करने के साथ-साथ उनमें सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं। माननीय कुलपति ने विशेष रूप से छात्राओं की टीमों की सक्रिय भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि खेल के मैदान में छात्राओं की मजबूत उपस्थिति सामाजिक परिवर्तन और महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक सकारात्मक संकेत है तथा यह विश्वविद्यालय की समावेशी और प्रगतिशील सोच को दर्शाता है। इस अवसर पर गेस्ट ऑफ ऑनर श्रीमती नीलू मिश्रा ने अपने संबोधन में एग्रीकल्चर प्रीमियर लीग के सफल आयोजन के लिए आयोजकों को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि खेल युवाओं में आत्मविश्वास, साहस और निर्णय क्षमता विकसित करते हैं तथा टीम गेम्स जीवन में सहयोग, समर्पण और आपसी सम्मान का महत्व सिखाते हैं। उन्होंने विशेष रूप से छात्राओं की टीमों के उत्साह, अनुशासन और आत्मनिर्भरता की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन न केवल खेल प्रतिभाओं को मंच प्रदान करते हैं, बल्कि समाज में महिलाओं की सक्रिय भूमिका को भी सशक्त रूप से स्थापित करते हैं। उन्होंने खिलाड़ियों से खेल भावना बनाए रखते हुए उत्कृष्ट प्रदर्शन करने और हार-जीत को समान भाव से स्वीकार करने का संदेश दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं इंस्टीट्यूट ऑफ एग्रीकल्चरल साइंसेज़, बीएचयू की निदेशक महोदया ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि एग्रीकल्चर प्रीमियर लीग केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं है, बल्कि यह संस्थान की सामूहिक ऊर्जा, एकता और जीवंतता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से विद्यार्थियों में नेतृत्व, अनुशासन और संगठनात्मक क्षमता का विकास होता है, जो उनके शैक्षणिक एवं व्यावसायिक जीवन में अत्यंत सहायक सिद्ध होता है। उन्होंने आयोजन समिति, एथलेटिक एसोसिएशन तथा सभी स्वयंसेवकों और विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे आयोजनों को निरंतर प्रोत्साहित करने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर बीएचयू खेल जगत से जुड़े वरिष्ठ शिक्षाविद एवं खेल प्रशासन से संबद्ध (USDV) प्रो. ए. के. नेमा ने कहा कि विश्वविद्यालयों में खेल संस्कृति का सुदृढ़ होना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि खेल न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाते हैं, बल्कि मानसिक संतुलन और सकारात्मक सोच को भी विकसित करते हैं। उन्होंने कहा कि एग्रीकल्चर प्रीमियर लीग जैसे आयोजन छात्रों को प्रतिस्पर्धा के स्वस्थ माहौल में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं और उनमें टीम भावना, नेतृत्व और अनुशासन जैसे गुणों को प्रोत्साहित करते हैं। एग्रीकल्चर स्पोर्ट्स बोर्ड के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. अभिषेक सिंह ने अपने विचार रखते हुए कहा कि खेल गतिविधियाँ विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास का अभिन्न अंग हैं और इस प्रकार के संगठित टूर्नामेंट छात्रों को अकादमिक जीवन की एकरसता से बाहर निकालकर ऊर्जा और उत्साह से भर देते हैं। उन्होंने कहा कि एग्रीकल्चर प्रीमियर लीग का आयोजन संस्थान की खेल परंपरा को सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और इससे विद्यार्थियों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के साथ-साथ आपसी भाईचारे की भावना भी विकसित होती है।
डॉ. तरुन वर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि खेल जीवन के महत्वपूर्ण मूल्यों जैसे अनुशासन, समय प्रबंधन, संघर्ष और निरंतर प्रयास को सिखाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे खेलों को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाएं, क्योंकि एक स्वस्थ शरीर और संतुलित मन ही अकादमिक और व्यावसायिक सफलता की कुंजी है। उन्होंने आयोजन समिति के प्रयासों की सराहना करते हुए इसे छात्रों की प्रतिभा और टीमवर्क का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। वहीं डॉ. सुधीर राजपूत ने कहा कि एग्रीकल्चर प्रीमियर लीग जैसे आयोजन छात्रों में नेतृत्व और संगठनात्मक कौशल विकसित करने का सशक्त मंच प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि खेल के मैदान में सीखे गए मूल्य जीवन के हर क्षेत्र में उपयोगी सिद्ध होते हैं और इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों को जिम्मेदार नागरिक बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उल्लेखनीय है कि एग्रीकल्चर प्रीमियर लीग (APL) सीज़न–07 में इस वर्ष बालक वर्ग की आठ टीमें—कोबरा चैलेंजर्स, हेलिको ब्लास्टर्स, म्यूटेंट स्ट्राइकर्स, स्पार्टन, अल्फोंसो इलेवन, एआरएस, ड्रैगन फाइटर्स एवं कुरियन वॉरियर्स—तथा बालिका वर्ग की चार टीमें—फीनिक्स वॉरियर्स, थंडर क्वीन, एग्रो सुपर नोवाज एवं धाकड़ इलेवन—भाग ले रही हैं, जिनकी सहभागिता ने प्रतियोगिता को अत्यंत रोमांचक और प्रतिस्पर्धात्मक बना दिया है। उद्घाटन समारोह के दौरान खिलाड़ियों ने खेल भावना और अनुशासन का परिचय देते हुए आगामी मुकाबलों के लिए अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में आकाशदीप सिंह, नितिन, प्रशांत, सौरव, आदर्श, सुमित चौहान, आदर्श सिंह, कोमल, प्रिया, पिनाक्षी एवं रिशिका का विशेष योगदान रहा। इसके साथ ही प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय वर्ष के सभी विद्यार्थियों का उत्साहपूर्ण एवं सराहनीय सहयोग आयोजन की सफलता का मजबूत आधार बना। मंच संचालन का दायित्व डॉ. नागेंद्र सिंह एवं ऋषु कुमार द्वारा अत्यंत सुव्यवस्थित, प्रभावशाली और गरिमामय ढंग से निभाया गया, जिसकी सभी उपस्थित अतिथियों द्वारा भूरि-भूरि प्रशंसा की गई।
एथलेटिक एसोसिएशन ऑफ आईएएस, बीएचयू के तत्वावधान में आयोजित इस भव्य समारोह में संस्थान के शिक्षकगण, अधिकारीगण, विद्यार्थी एवं खेल प्रेमियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। समारोह का संचालन सुव्यवस्थित, प्रभावशाली और गरिमामय ढंग से किया गया, जिसकी सभी अतिथियों ने भूरि-भूरि प्रशंसा की। समग्र रूप से एग्रीकल्चर प्रीमियर लीग (APL) सीज़न–07 का उद्घाटन समारोह न केवल एक खेल आयोजन रहा, बल्कि यह एकता, अनुशासन, समर्पण और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का उत्सव बनकर उभरा, जिसने यह सिद्ध कर दिया कि जब छात्र, शिक्षक और प्रशासन एक साझा लक्ष्य के लिए एक मंच पर आते हैं, तो विश्वविद्यालय की जीवंतता और गौरव कई गुना बढ़ जाता है। इस प्रतिष्ठित आयोजन की सफलता में हमारे टाइटल स्पॉन्सर — IARI Educational Platform एवं Dawat-e-Zaika Restaurant का भी अत्यंत महत्वपूर्ण योगदान रहा, जिनके सहयोग से APL को भव्य स्वरूप प्राप्त हुआ।

