खाlदी-ग्रामोद्योग ने रचा इतिहास: 1.87 लाख करोड़ रुपये के कारोबार के साथ नया कीर्तिमान।
12 वर्षों में बिक्री में 501% और उत्पादन में 380% वृद्धि, 2.04 करोड़ लोगों को मिला रोजगार।
नई दिल्ली, 26 मई। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) ने वित्त वर्ष 2025-26 में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए पहली बार 1.87 लाख करोड़ रुपये के कारोबार का आंकड़ा पार कर लिया है। केवीआईसी अध्यक्ष मनोज कुमार ने नई दिल्ली स्थित गांधी दर्शन, राजघाट कार्यालय में वित्त वर्ष 2025-26 के अनंतिम आंकड़े जारी करते हुए बताया कि पिछले 12 वर्षों में खादी एवं ग्रामोद्योग क्षेत्र ने उत्पादन, बिक्री और रोजगार सृजन के क्षेत्र में रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2013-14 की तुलना में बिक्री में 501 प्रतिशत और उत्पादन में 380 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। वहीं रोजगार सृजन में 56 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ अब इस क्षेत्र से 2.04 करोड़ लोगों को रोजगार प्राप्त हो रहा है। केवीआईसी अध्यक्ष ने इस उपलब्धि का श्रेय प्रधानमंत्री Narendra Modi के दूरदर्शी नेतृत्व, महात्मा गांधी की प्रेरणा और ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत करोड़ों कारीगरों की मेहनत को दिया।
वित्त वर्ष 2025-26 में खादी और ग्रामोद्योग उत्पादों का कुल उत्पादन 1,25,296 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जबकि बिक्री बढ़कर 1,87,105 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। वर्ष 2013-14 में यह उत्पादन 26,109 करोड़ रुपये तथा बिक्री 31,154 करोड़ रुपये थी।
खादी वस्त्रों के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। वर्ष 2013-14 में 811 करोड़ रुपये का उत्पादन बढ़कर 3,974 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जबकि बिक्री 1,081 करोड़ रुपये से बढ़कर 7,869 करोड़ रुपये हो गई। प्रधानमंत्री द्वारा खादी के लगातार प्रचार-प्रसार का सकारात्मक प्रभाव बाजार विस्तार और उपभोक्ता स्वीकार्यता में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।
ग्रामोद्योग क्षेत्र में भी रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2013-14 में 25,298 करोड़ रुपये का उत्पादन बढ़कर 1,21,322 करोड़ रुपये हो गया, जबकि बिक्री 30,073 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,79,236 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। रोजगार के क्षेत्र में ग्रामोद्योग से जुड़े लोगों की संख्या बढ़कर करीब 1.99 करोड़ हो गई है।
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) के तहत वित्त वर्ष 2025-26 में 66,494 नई इकाइयों की स्थापना की गई, जिनके माध्यम से 7.31 लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिला। इन इकाइयों के लिए 7,375 करोड़ रुपये के ऋण के विरुद्ध 2,457 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी सब्सिडी वितरित की गई।
महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में भी केवीआईसी की भूमिका महत्वपूर्ण रही। वर्ष 2025-26 में विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों के अंतर्गत 79,682 प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण दिया गया, जिनमें 47,382 महिलाएं शामिल रहीं। पीएमईजीपी के तहत 28,180 महिला उद्यमियों ने नई इकाइयों की स्थापना की, जिससे 3.09 लाख महिलाओं को रोजगार मिला।
केवीआईसी ने बताया कि कारीगरों के पारिश्रमिक में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वर्ष 2013-14 में 4 रुपये प्रति हैंक मिलने वाला पारिश्रमिक अब बढ़कर 15 रुपये प्रति हैंक हो गया है, जो लगभग 275 प्रतिशत की वृद्धि है।
इसके अलावा सरकारी आपूर्ति, प्रदर्शनी बिक्री तथा राष्ट्रीय ध्वज की मांग में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के प्रभाव से राष्ट्रीय ध्वज की बिक्री 0.87 करोड़ रुपये से बढ़कर 2.35 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है।
केवीआईसी अध्यक्ष ने कहा कि ‘वोकल फॉर लोकल’, ‘लोकल टू ग्लोबल’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ जैसे अभियानों ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा प्रदान की है और खादी आज नए भारत की आत्मनिर्भरता तथा स्वदेशी गौरव का प्रतीक बन चुकी है।
