जिला रिपोर्टर रोहित मिश्रा रायबरेली
धारा लक्ष्य समाचार पत्र
रायबरेली।हरचंदपुर थाना क्षेत्र के अजमतउल्लागंज गांव में एक दलित महिला का कथित तौर पर राजस्व विभाग की रिपोर्ट को नजरअंदाज करते हुए जेसीबी से आशियाना ढहाने का मामला सामने आया है। पीड़िता सुशीला पासवान ने पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र देकर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई तथा अपनी जमीन पर पुनः कब्जा दिलाने की मांग की है।शिकायत के अनुसार, 26 जून 2026 को गांव के कुछ दबंगों ने जेसीबी मशीन बुलवाकर सुशीला पासवान का छप्परनुमा घर ढहा दिया।
उस समय घर में रखा घरेलू सामान, गेहूं, चावल, बर्तन तथा सोने-चांदी के जेवर मलबे में दब गए। इतना ही नहीं, पशुओं को खोलकर भगा दिया गया और उनके चारे की चरही भी तोड़ दी गई। पीड़िता का आरोप है कि चूल्हा और बर्तनों को भी जेसीबी से मिट्टी में दबा दिया गया।सुशीला ने बताया कि घटना के समय उनके पति मजदूरी के सिलसिले में बाहर थे।
विरोध करने पर आरोप है कि राजू सिंह ने उनका हाथ पकड़कर धक्का दिया और दोबारा वहां दिखाई देने पर पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी। वहीं पप्पू सिंह, राजू सिंह, देवनाथ सिंह समेत अन्य लोगों ने लाठी-डंडों से लैस होकर उनके सास-ससुर को दौड़ाया तथा जातिसूचक गालियां देते हुए गांव छोड़ने की धमकी दी।
पीड़िता का कहना है कि उनके ससुर करीब 40 वर्षों से उक्त स्थान पर रह रहे हैं। घटना से पहले राजस्व विभाग के लेखपाल नीलू यादव और राजस्व निरीक्षक ने भूमि की पैमाइश की थी, जिसमें कथित तौर पर स्पष्ट किया गया था कि सुशीला का छप्पर विपक्षी की भूमि से बाहर है। इसके बावजूद दबंगों ने कथित सांठगांठ के बल पर उनका आशियाना गिरा दिया।
सुशीला का आरोप है कि घटना के दौरान उन्होंने डायल-112 पर सूचना दी थी। पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई किए बिना लौट गई। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कोई कदम नहीं उठाया।घटना के बाद से सुशीला पासवान अपने नाबालिग बच्चों के साथ बेघर हो गई हैं। उनके सामने रहने और भोजन की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है
तथा उन्हें दूसरों के सहारे जीवन यापन करना पड़ रहा है। पीड़िता का दावा है कि घटना का वीडियो भी उनके पास मौजूद है।
सुशीला पासवान ने 1 जुलाई को पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने, दोबारा राजस्व विभाग से पैमाइश कराकर अवैध कब्जा हटवाने तथा उन्हें उनकी जमीन पर पुनः कब्जा दिलाने की मांग की है। फिलहाल मामले में पुलिस की ओर से आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
